राँची के दो साहित्यकार प्रतिष्ठित मानद उपाधि से सम्मानित

Ranchi : राजधानी राँची के लिए साहित्य के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित उपलब्धि की खबर है। राँची के दो हिंदी साहित्यकारों को उनकी सुदीर्ध हिंदी सेवा, आंचलिक भाषा संवर्धन में सराहनीय योगदान, सारस्वत साधना, कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि, शैक्षिक प्रदेयों, महनीय शोधकार्य तथा राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर थावे विद्यापीठ बिहार की अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर प्रतिष्ठित मानद उपाधि प्रदान की गई है।
प्रसिद्ध साहित्यकारों क्रमशः डॉ ममता मनीष सिन्हा को प्रतिष्ठित विद्यासागर (डी लिट) एवं डॉ विनोद सिंह गहरवार को प्रतिष्ठित विद्यावाचस्पति (डॉक्टरेट) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।
ज्ञातव्य है की डॉ ममता मनीष सिन्हा पूर्व में भी विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ भागलपुर बिहार से विद्यावाचस्पति (डॉक्टरेट) एवं मौनतीर्थ हिंदी विद्यापीठ उज्जैन मध्यप्रदेश से क्रमशः विद्यावाचस्पति एवं विद्यासागर (डॉक्टरेट/डी लिट) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित हो चुकी हैं। ये हिंदी और भोजपुरी की अंतर्राष्ट्रीय कवयित्री/लेखिका हैं।
पेशे से शिक्षक सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ विनोद सिंह गहरवार भी हिंदी, अंग्रेजी और भोजपुरी के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के गीतकार/कवि/लेखक/ समीक्षक एवं व्यंगकार हैं तथा कैंबरियन पब्लिक स्कूल राँची में अंग्रेजी शिक्षण सेवा दे रहे हैं, अंग्रेजी भाषा कर्म होते हुए भी इनकी मातृभाषा हिंदी के प्रति सेवा निष्ठा स्तुत्य है।
वर्तमान में डॉ विनोद सिंह गहरवार ‘झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच के सचिव एवं डॉ ममता मनीष सिन्हा मंच कार्यक्रम संयोजक हैं।
दोनों साहित्यकारों को सम्मान प्राप्त होने से राजधानी राँची के साहित्य जगत में हर्ष व्याप्त है।

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