मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सीबीआई को निर्देश, दो दिन में हो स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति

नई दिल्ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सोमवार को मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई को निर्देश दिया कि वो दो दिनों के अंदर स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें। एडिशनल सेशंस जज सौरभ कुलश्रेष्ठ ने सीबीआई से कहा कि आप 27 फरवरी तक स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। पिछले 23 फरवरी को इस मामले के सात आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया था। सातों आरोपितों को एडिशनल सेशंस जज सौरभ कुलश्रेष्ठ की कोर्ट में पेश किया गया था। 23 फरवरी को जिन आरोपितों को साकेत कोर्ट में पेश किया गया उनमें शाइस्ता प्रवीण ऊर्फ मधु, मोहम्मद साहिल ऊर्फ विक्की, मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का चाचा रामानुज, बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष दिलीप वर्मा, शेल्टर होम के मैनेजर रामाशंकर सिंह, अश्विनी कुमार और कृष्णा कुमार राम शामिल हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक वो इस मामले की सुनवाई छह महीने में पूरी करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 7 फरवरी को इस मामले को साकेत कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की छह महीने में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुजफ्फरपुर ट्रायल कोर्ट से इस केस के सभी दस्तावेज साकेत कोर्ट में पहुंच गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 12 फरवरी को इस मामले में सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को अवमानना का दोषी करार दिया था। नागेश्वर राव पर आरोप था कि उन्होंने इस मामले की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी एके शर्मा का तबादला बिना कोर्ट की अनुमति के कर दिया था।

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