माही के अंतर्गत आर०सी० मिशन स्कूल हिन्दपीड़ी में मेडिकल कैम्प संपन्न

रांची: मौलाना आजाद ह्यूमेन इनिशिएटिव (माही) ने रांची के हिंदपीड़ी आर०सी० मिशन स्कूल में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और टायफाइड के खिलाफ एक मेडिकल कैम्प लगाया। कैम्प रविवार, 24 सितंबर को हिंदपीड़ी आर०सी० मिशन स्कूल में सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक चला।

कैम्प में कंसल्टेंट फिजिशियन डॉक्टर एस०एम० हसन और जेनरल फिजिशियन डॉक्टर ताबां रिज़वी ने रोगियों का इलाज किया। लगभग 90 रोगियों ने कैम्प में इलाज करवाया, जिन्हें मुफ्त दवाइयाँ और मुफ्त जाँच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

डॉक्टर एस०एम० हसन ने कहा कि डेंगू एक विशेष मच्छरों के काटने से होने वाली एक महामारी है जिसके लक्षण में बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, और सर्दी-जुकाम शामिल होते हैं। डेंगू के रोगी को पर्याप्त आराम देना चाहिए और उन्हें बेहद पर्याप्त पानी पीना चाहिए। डेंगू के इलाज के लिए बढ़ती हुई खांसी और बुखार की दवाएँ न लें, क्योंकि ये समस्या बढ़ा सकती हैं। डेंगू के रोगी को पारासिटामोल और प्लेटेनज़ा जैसी दवाएँ लेनी चाहिए जो फिवर को कंट्रोल कर सकती है और प्लेटलेस काउंट को बढ़ा सकती है। अपने आस-पास के जल-जमाव को हटाएं ताकि मच्छर प्रजनन के लिए नहीं रुक सकें। डेंगू से बचाव के लिए मच्छर नेट का उपयोग करें एवं अपने शरीर को धूप और छाया में रखने का प्रयास करें। डेंगू के इलाज के बाद शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ होने तक आराम दें। डेंगू से संक्रमित व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, ताकि सही उपचार दिया जा सके।

माही के अध्यक्ष, इबरार अहमद ने बताया कि रांची में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, और टायफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इन खतरनाक बीमारियों के खिलाफ मुकाबला करने के लिए, माही ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर शहर के विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में, आज हिंदपीढ़ी आर०सी० मिशन स्कूल में एक मेडिकल कैम्प सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। उन्होंने नगर निगम के सी०ई०ओ० से माँग करते हुए कहा कि विशेष रूप से हिंदपीड़ी इलाकों में जल-जमाव पर कड़ी क़ाबू बनाया जाए और आवश्यक रसायनों की छिड़काव को युद्धस्तर पर किया जाए, ताकि इन बीमारियों का प्रसार रोका जा सके।

मोहम्मद आबिद ने कहा कि माही का यह प्रयास सराहनीय है और इससे ग़रीब तबके को महँगी जाँच एवं दवाईयों से काफी राहत मिली। हिंदपीड़ी में इस तरह के मेडिकल कैम्प लगाने की निरंतर जरूरी है क्योंकि हिंदपीड़ी में डेंगू, मलेरिया और टायफायड का महामारी फैल चुका है और स्थिति भयावह है।

माही के जेनरल सेक्रेटरी, मतीउर रहमान ने कहा कि माही साझा मंच एवं दूसरे संस्थाओं के साथ मिलकर लोगों को इस महामारी से बचने के प्रति जागरूक करेगी  और  सरकारी पदाधिकारियों के साथ मिलकर शहर में साफ-सफाई और छिड़काव का इंतजाम करने का सुझाव दिया है।इस प्रकार, माही साझा मंच और सरकारी प्राधिकरण के साथ मिलकर शहर के साफ-सफाई और छिड़काव के मामले में सकारात्मक कदम उठा रहा है, जिससे शहर का माहौल और जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

ज्ञात रहे कि रांची में डेंगू, टायफाइड, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी संक्रामक रोगों से भय व्याप्त है ‌विशेषकर हिंदपीड़ी में इसका खतरनाक प्रभाव देखा जा रहा है।इन बीमारियों की जांच और इलाज काफी मंहगा है ,जिसे आम लोग वहन नहीं कर सकते और अस्पतालों में भीड़ भी काफी है।, ऐसे हालात में माही ने दूसरे संस्थाओं के साथ मिलकर जगह जगह शिविर लगाने का फैसला लिया है। चूँकि अस्पतालों में भीड़ है इसलिए मोहल्ला स्तर पर कैंप का आयोजन किया जाएगा। तमाम लोगों और स्वंयसेवी संस्थाओं सहयोग की अपेक्षा है।

      इस हेल्थ कैम्प में बौद्ध समाज के तथागत जैनेन्द्र, साझा मंच के अमोल आजाद,मोहम्मद आबिद,माही के उपाध्यक्ष ख़ालिद सैफुल्लाह,अर्शद शमीम,मोहम्मद रशीद,कर भला हो भला संस्था के सज्जाद इदरीसी, नज़र वेलफेयर सोसाइटी के मोहम्मद जहाँगीर, निशाद खान,शकील अहमद,नूर आलम,नदीम अख़्तर आदि लोग मौजूद थे।

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