महिला आरक्षण पर राहुल बोले : यह एक ध्यान भटकाने वाली रणनीति

नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा बिल में दो चीज़ें संबंधित पाई गईं जिनमें एक की महिला आरक्षण से पहले जनगणना होगी और दूसरा परिसीमन करना होगा और इन दोनों को करने के लिए कई साल लगेंगे। महिला आरक्षण आज किया जा सकता है लेकिन सरकार यह करना नहीं चाहती है। सच्चाई यह है कि यह आज से 10 साल के बाद लागू होगा। उन्होंने कहा डाइवर्जन ओबीसी  सेंसस से हो रहा है, मैंने संसद में सिर्फ एक संगठन की बात की, जो हिंदुस्तान की सरकार को चलाता है कैबिनेट सचिव और बाकी के सभी सचिव, इसे लेकर मैंने एक सवाल किया था। अगर प्रधानमंत्री इतना काम कर रहे हैं तो 90 लोगों में से सिर्फ 3 लोगओबीसी  समुदाय से क्यों हैं…ओबीसी  अफसर हिंदुस्तान के 5% बजट को कंट्रोल करते हैं। प्रधानंमत्री हर रोज़ ओबीसी  की बात करते हैं लेकिन उन्होंनेओबीसी के लिए किया क्या? राहुल ने कहा मैंने सिर्फ यह सवाल पूछा कि क्या हिंदुस्तान मेंओबीसी की आबादी 5% है? अगर नहीं हैं तो ओबीसी  हिंदुस्तान में कितने हैं और है उन्हें भागीदारी मिलनी चाहिए… भाजपा को जनगणना और परिसीमन को हटाकर महिलाओं को भागीदारी देनी चाहिए। जनगणना का लेकर हमने जो डाटा निकाला था उसे सार्वजनिक कर दें जिससे सभी को पता चल जाए कि ओबीसी  कितने हैं और नई जनगणना जाति के आधार पर करें। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से पूछे जाने पर कि क्या उन्हें इस बात का अफसोस है कि 2010 में UPA की सरकार द्वारा लाए गए विधेयक के तहत ओबीसी  कोटा प्रदान नहीं किया गया था, इस पर राहुल गांधी ने कहा, “100% अफसोस है। यह उस समय किया जाना चाहिए था और अब हम इसे पूरा करके छोड़ेंगे।

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