भाजपा नेताओं ने जेएसएससी सीजीएल प्रश्न पत्र लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की

रांची। जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक मामले में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व मंत्री और विधायक भानु प्रताप शाही, विधायक मनीष जायसवाल समेत ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
अमर कुमार बाउरी ने सोशल मीडिया एक्स पर सोमवार को कहा कि जेएसएससी लीक मामले में झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो शमीम और उनके दो बेटे को पुलिस ने हिरासत में लिया गया है। यह मामला बेहद बड़ा है। मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए अन्यथा ये भ्रष्ट सरकार मामले की लीपा पोती का प्रयास करेगी। बाउरी ने हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड की भ्रष्ट सरकार के शासनकाल में रोजाना काला अध्याय लिखा जा रहा है। युवा विरोधी झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार ने युवाओं का भविष्य तक बेच दिया। इस ठगबंधन सरकार को नौकरियां बेचने वाला, सबसे भ्रष्ट व निकम्मी सरकार के रूप में याद किया जाएगा। राज्य के युवा इसे आगामी चुनाव में उखाड़ फेंकने का काम करेंगे।
भानु प्रताप शाही ने मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन पर हमला बोलते कहा है कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुए पेपर लीक मामला, इसको अंजाम देने वाले लोग और इसका संरक्षण देने वाली सरकार ने हत्या से भी बड़ा अपराध किया है। इसकी जांच सीबीआई से करा कर ही दूध का दूध और पानी का पानी किया जा सकता है। कृपया जांच सीबीआई को सौंपे।
हजारीबाग विधायक मनीष जायसवाल ने कहा है कि जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो शमीम और उनके दो बेटे को पकड़ने की सूचना है। यह मामला बेहद संवेदनशील है। इसमें लीपापोती की कोशिश हो रही है। बड़े मगरमच्छों को बचाने के लिए छोटी मछलियों को निशाना बनाया जा रहा है। इसकी जांच सीबीआई से कराने की वे मांग करते हैं।
उल्लेखनीय है कि पेपर लीक मामले में गठित एसआईटी ने रविवार को झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मो शमीम और उनके दो बेटों को गिरफ्तार किया है। उनके पास ब्लैंक चेक, एडमिट कार्ड आदि मिले हैं।

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