बिहार में जातीय जनगणना के आंकड़े जारी : कुल आबादी 13 करोड़ से अधिक

 ओबीसी 63%,सामान्य वर्ग 15.52%, अनुसूचित जनजाति  19%

अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36.01%,पिछड़ा वर्ग 27.12%,

पटना।  बिहार में हुई जाति आधारित सर्वे की रिपोर्ट सोमवार (02 अक्टूबर) को जारी कर दी गई. मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने गांधी जयंती  के मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जाति आधारित सर्वे की रिपोर्ट जारी की है. बिहार राज्य में हुए सर्वे के अनुसार पूरे बिहार की जनसंख्या 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है. इसमें बिहार के बाहर रहने वालों की संख्या 53 लाख 72 हजार 22 है. बिहार राज्य में रहने वालों की कुल जनसंख्या 12 करोड़ 53 लाख 53 हजार 288 है. बिहार में हुई जाति आधारित सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में पिछड़ा वर्ग 27.13% है. अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36.01%, सामान्य वर्ग 15.52% है. बताते चलें कि जाति आधारित गणना को लेकर बिहार में खूब हंगामा हुआ था. पूरा मामला हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. मुख्य सचिव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार में जातीय गणना सर्वे 2022 की पुस्तिका का विमोचन किया. इसमें राज्य में कुर्मी जाति की संख्या 2.87 प्रतिशत है. वहीं, अनुसूचित जाति की संख्या का प्रतिशत 19.65, कुशवाहा जाति की संख्या 4.21 प्रतिशत, राजपूतों की संख्या 3.41 प्रतिशत, ओबीसी की संख्या 36. 01 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग की संख्या 27.12 प्रतिशत है. बिहार में 82% हिन्दू, 17. 7% मुसलमान, .05% ईसाई, .08% बौद्ध धर्म, .0016% कोई धर्म नहीं है. वहीं बिहार की कुल आबादी 13,07, 25 , 310 है, जिसमें पिछड़ा वर्ग 3,54,63,936, अत्यंत पिछड़ा वर्ग — 4,70,80,514, अनुसूचित जाति 2,56,89,820, अनुसूचित जनजाति 21,99,361, अनारक्षित 2,02,91,679 हैं. बिहार राज्य में हुए सर्वे के अनुसार पूरे बिहार की जनसंख्या 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 पाई गई है. इसमें बिहार के बाहर में रहने वालों की संख्या 53 लाख 72 हजार 22 है. बिहार राज्य में रहने वालों की कुल जनसंख्या 12 करोड़ 53 लाख 53 हजार 288 है. बिहार में हुई जाति आधारित सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में पिछड़ा वर्ग 27.13% है. अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36.01%, सामान्य वर्ग 15.52% है. जाति आधारित सर्वे के अनुसार पुरुषों की कुल संख्या छह करोड़ 41 लाख 31 हजार 990 है. जबकि बिहार में महिलाओं की संख्या 6 करोड़ 11 लाख 38 हजार 460 है. अन्य की संख्या 82 हजार 836 पाई गई है. गणना के अनुसार 1000 पुरुषों पर 953 महिलाएं पाई गई हैं.

किसकी कितनी है भागीदारी
बिहार में जातीय सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार ब्राह्मण 3.65 फीसदी (4781280), राजपूत 3.45 प्रतिशत (4510733), कायस्थ 0.6011 प्रतिशत (785771), कुर्मी 2.8785 फीसदी (3762969), कुशवाहा 4.2120 प्रतिशत (5506113), तेली 2.8131 फीसदी (3677491) और भूमिहार 2.8693 प्रतिशत (3750886) हैं. बिहार में कुर्मी 2.87 प्रतिशत, कुशवाहा 4.27 प्रतिशत, धानुक 2.13 प्रतिशत, भूमिहार 2.89 प्रतिशत, सुनार 0.68 प्रतिशत, कुम्हार 1.04 प्रतिशत, मुसहर 3.08 प्रतिशत, बढ़ई 1.45 प्रतिशत, कायस्थ 0.60 प्रतिशत, यादव 14.26 प्रतिशत और नाई 1.59 प्रतिशत हैं.  जातीय सर्वे का पहला चरण सात जनवरी से शुरू हुआ था. इस चरण में मकानों की सूचीकरण व मकानों को गिना गया. यह चरण 21 जनवरी 2023 को पूरा हुआ था. जातीय गणना का दूसरा चरण 15 अप्रैल से शुरू हुआ था. इसे 15 मई को पूरा हो जाना था. इसके बाद लोगों से डेटा जुटाए गए. दूसरे चरण में परिवारों की संख्या, उनके रहन-सहन, आय आदि के आंकड़े लिए गए थे.

मुसलमान- 17. 7088 फीसदी
यादव- 14. 2666 फीसदी
कुर्मी- 2.8785 फीसदी
कुशवाहा- 4.2120 फीसदी
ब्राह्मण- 3.6575 प्रतिशत
भूमिहार- 2.8683 प्रतिशत
राजपूत- 3.4505 प्रतिशत
मुसहर- 3.0872 प्रतिशत
मल्लाह- 2.6086 फीसदी
बनिया- 2.3155 फीसदी
कायस्थ- 0.60 फीसदी

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