बजट: भारत चेंबर ऑफ कॉमर्स ने केन्द्रीय बजट को बताया विकासपरक

कोलकाता। केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए अंतरिम बजट को भारत चेंबर ऑफ कॉमर्स ने राष्ट्र के समग्र विकास का पथ प्रशस्त करने वाला बताया है। चेंबर के अध्यक्ष और राज्य के बड़े उद्योगपतियों में शुमार सीताराम शर्मा ने बजट के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि चुनावी वर्ष में यह बजट निश्चित तौर पर गरीबों, किसानों, मजदूरों, युवाओं और समाज के प्रत्येक तबके को लाभ पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में औद्योगिक, विनिर्माण और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। सामाजिक विकास के उपायों को अगर ठीक से लागू किया जाए तो न केवल स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को बल्कि प्रत्येक वर्ग को समान फायदा पहुंचेगा। शर्मा ने कहा कि अनसोल्ड हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए नोशनल रेंट पर इनकम टैक्स रिलीफ को एक साल से बढ़ाकर दो साल किए जाने से रियल स्टेट कारोबारियों को राहत मिलेगी। पांच लाख रुपये तक के आय में कर छूट संबंधी घोषणा की भी उन्होंने प्रशंसा की। साथ ही कहा कि 24 घंटे के भीतर आईटी रिटर्न को संशोधित करने और एकसाथ जारी किए जाने वाले रिफंड का प्रस्ताव प्रशंसनीय है। हालांकि, शर्मा ने कहा कि यह अधिक विवेकपूर्ण होता अगर अतिरिक्त राजस्व सृजन का एक हिस्सा दीर्घकालिक निवेशों के माध्यम से विशेष रूप से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए आवंटित किया जाता। बजट के दूसरे हिस्से की निंदा करते हुए शर्मा ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में किसी तरह की छूट का अभाव उद्योग जगत को आशा प्रदान नहीं करता है, क्योंकि औद्योगिक विकास के पक्ष में कोई प्रासंगिक उपाय प्रस्तावित नहीं किया गया है। एक करोड़ रुपये तक के ऋण पर दो फीसदी का ब्याज दर एमएसएमई को मामूली राहत प्रदान करेंगे, क्योंकि बजट पूंजी निर्माण को बढ़ाने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने वित्तवर्ष 2018-19 के लिए वित्तीय घाटे को 3.4 प्रतिशत से घटाकर 03 प्रतिशत तक कम करने का वादा किया है। हालांकि, एक तरफ सरकार छोटे और सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष आय लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, तो दूसरी ओर आयकर को माफ कर देती है। ऐसी स्थिति में अगले वित्तीय वर्ष में इस लक्ष्य तक पहुंच पाना बड़ी चुनाती है।

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