पूर्व से आवंटित खनिज ब्लॉकों में जल्द से जल्द खनन कार्य प्रारंभ कराएं : चंपाई सोरेन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ खनन एवं भूतत्व विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा की

रांची। मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में खनन एवं भूतत्व विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के कार्य प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन विभाग राजस्व का एक मुख्य स्रोत माना जाता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैसे खनन ब्लॉक जिनकी पहले से नीलामी अथवा आवंटन हो चुका है उन खनन ब्लॉकों को जल्द से जल्द चालू किया जाए। खनन कार्य का जिम्मा जिस कंपनी या संस्थान को आवंटित किया गया है, उनके साथ बैठक कर खनन कार्य शीघ्र प्रारंभ कराएं। खनन कार्य संचालित करने वाली वैसी कंपनी जो खनन कार्य में रुचि नहीं दिखा रही हैं, उन्हें स्पष्टीकरण (शोकॉज) कर उनका आवंटन रद्द करें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राज्य के विभिन्न खनिज ब्लॉकों की नीलामी करने संबंधित कार्य प्रगति की जानकारी ली तथा फरवरी माह के अंत तक खनन विभाग द्वारा चिन्हित 10 विभिन्न खनन ब्लॉक की नीलामी अथवा आवंटन प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।

मेजर तथा माइनर खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मार्च माह तक मेजर तथा माइनर खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया से संबंधित सभी कार्यवाही पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैसे कोल ब्लॉक जिनकी नीलामी हो चुकी है और अबतक खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है उन सभी कोल ब्लॉकों में खनन कार्य अविलंब चालू कराएं। खनन कार्य विलंब होने से राजस्व का नुकसान होता है, इस बात का ध्यान अवश्य रखें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैसे कोल ब्लॉक जिनका फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं हो सका है, वैसे कॉल ब्लॉकों के फॉरेस्ट क्लीयरेंस हेतु प्रधान सचिव वन विभाग के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करते हुए सभी प्रक्रिया पूरा करें ताकि खनन कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज ब्लॉक के ऑक्शन कार्य में फॉरेस्ट क्लीयरेंस बाधा न बने इसका पूरा ध्यान रखें। बैठक में मुख्यमंत्री ने बालू घाट ऑक्शन की भी जानकारी प्राप्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को बालू आसानी से और उचित कीमत पर प्राप्त हो सके, इसके लिए विभाग निरंतर मॉनिटरिंग करे, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बालूघाट के टेंडर प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न हो रही है तो उसका निराकरण जल्द कर लें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनन विभाग में जियोलॉजिस्ट के स्वीकृत पद के आलोक में कार्यहित को देखते हुए वर्तमान में संविदा पर नियुक्ति करें तथा नियमित नियुक्ति के लिए जेपीएससी को अधियाचना भेजें।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव एल. खियांग्ते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, खनन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी, उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह, निदेशक खनन शशि रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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