नेपाल हाउस डोरंडा स्थित सभागार में झारखण्ड गो सेवा आयोग की बैठक

आज दिनांक 20.9.2023 को नेपाल हाउस डोरंडा स्थित सभागार में झारखण्ड गो सेवा आयोग की बैठक का आयोजन अध्यक्ष, झारखण्ड गो सेवा आयोग श्री राजीव रंजन प्रसाद की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में उपाध्यक्ष श्री राजू गिरी, विकास आयुक्त झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधि, वित्त विभाग झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधि, नगर विकास विभाग झारखण्ड सरकार  के प्रतिनिधि एवं कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अपर निदेशक सह संयुक्त सचिव श्री अंजनी कुमार उपस्थित रहे। बैठक में आमंत्रित सदस्यों में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय कांके रांची के प्रतिनिधि डा० आलोक कुमार पांडेय एवं झारखण्ड प्रादेशिक गौशाला के प्रतिनिधि श्री अनिल मोदी भी उपस्थित रहे।

आज की बैठक के उपरान्त प्रेस को संबोधित करते हुए गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि इस राज्य में गोरक्षा के नाम पर अराजकता फैलाने की  इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होने कहा कि वर्तमान महागठबंधन सरकार की दूरदर्शिता एवं संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि आज 2008 के बाद आज पहली बार आयोग को पूर्णकालिक अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मिले हैं। जिनके नेतृत्व में 15 वर्षो के बाद आयोग की  बैठक सम्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि हम अपने मुख्यमंत्री आदरणीय श्री हेमन्त सोरेन एवं विभागीय मंत्री श्री बादल पत्रलेख के प्रति आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने वास्तव में गोसंरक्षण एवं गोसंवर्द्धन के तहत इस राज्य में योजनाएं क्रियान्वित हों इसके निमित्त आयोग के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को नियुक्त कर झारखण्ड गो सेवा आयोग को पुर्नजीवित किया गया है।

आज की बैठक में विषय प्रवेश आयोग के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन प्रसाद ने कराया  एवं उपाध्यक्ष श्री राजू गिरी ने झारखण्ड में गो सरंक्षण एवं संवर्द्धन तथा गौशालाओं के आत्मनिर्भरता के संबध में आयोग के स्तर पर भावी कार्यक्रम के संबध में आयोग के पदेन सदस्यों को अवगत कराया। आज की बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रस्तावों को पारित कर इस संबध में सरकार को गो सेवा आयोग के स्तर से योजनाओं का चयन कर उनके क्रियान्वयन के लिए प्रस्ताव के रूप में भेजा जाएगा। जिसमें सबसे महत्वाकांक्षी योजना ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस राज्य में गो सेवा कार्याे से जोड़ने के साथ ही गौशाला की आत्मनिर्भरता के लिए लाने का निर्णय लिया गया। योजना का नाम – हमारी गौमाता हमारा दायित्व। आज की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णया लिया गया कि उपरोक्त योजना के माध्यम से सीधे-सीधे आम जनमानस को जोडा जाए जो संख्या अनुपात में मासिक/त्रैमासिक/अर्द्धवार्षिक और वार्षिक स्तर पर गौशालाओं में पोषित गोवंशीय पशुओं को गोद लेने के रूप में क्रियान्वित होगा। और इसकी पूर्ण संकल्पना के  सन्दर्भ में चर्चा की गई। इस योजना का अनुश्रवण गो सेवा आयोग करेगा लेकिन इस मद में किए गए दान सीधे-सीधे गौशाला के खाते में जमा किए जाएगें। पुरे राज्य स्तरीय कार्यक्रम के रूप में शीघ्र ही इस योजना का प्रांरभ आयोग के स्तर से किया जाएगा। साथ ही साथ इस संबध में आयोग जन-जागृति हेतु आयोग के द्वारा प्रचार-प्रसार के सभी माध्यमों के द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा।

विभिन्न जिलों में गोचर भूमि के अतिक्रमण संबधी विषय पर सदस्यों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सभी जिलों के उपायुक्त के माध्यम से संबधित गोचर भूमि को चिन्हित कर प्रतिबंधित सूची में डाले जाने तथा उक्त भूमि का उपयोग गो अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने के सुझाव पर सभी सदस्यों ने सहमति प्रदान की।
पन्द्रह वर्षो के लंबे अंतराल के बाद आयोग की सम्पन्न महती बैठक में आयोग के नियमावली के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आयोग गौशाला में पोषित पशुओं के स्वास्थ्य रक्षा कवच प्रदान करने हेतु वार्षिक कैलेण्डर के अनुसार दवा वितरण पर अनुदान दिए जाने की योजना का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजेगा। साथ ही साथ गौशाला परिसर में अलग से वृषभशाला एवं नन्दीशाला के आधारभूत संरचना निर्माण हेतु सरकार को प्रस्ताव भेजेगा।
पशु तस्करी में अभिगृहित गोवंशीय पशुओं के लिए भोजनादि मद में अनुदान की वर्तमान सीमा एवं राशि बढाने का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजेगा। बढ़ती हुई मंहगाई के दृष्टिगत आयोग के सभी सदस्यों में इस बात को लेकर सहमति बनी कि वर्तमान में प्रचलित दर 100 रूपये को बढ़ाकर 150 रूपये करने एवं एक वर्ष के कालखण्ड को बढ़ाकर दो वर्ष करने संबधी प्रस्ताव को सरकार के समक्ष भेजा जाने का निर्णय लिया गया।
गौशालाओं की आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार के सृजन के दृष्टिकोण से गोबर निर्मित सामान के लिए राज्य स्तर पर गोशालाओं के माध्यम से जिलावार प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं उनके विपणन के लिए समूचित व्यवस्था बनाने के दृष्टिकोण से योजना बनाकर सरकार को आयोग भेजेगा। साथ ही साथ पर्यावरण की सुरक्षा हेतु गोकाष्ठ के निर्माण के लिए गौशालाओं को उत्प्रेरित करेगां । वर्मीकम्पोस्ट के सरकार स्तर पर सीधी क्रय किए जाने के संबध में आयोग प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजेगा।  साथ-साथ गौशालाओं में बायो गैस प्लांट के अधिष्ठापन के संबध में एन० डी० डी० बी० के सहयोग से क्रियान्वित किया जाएगा।
गौपशुओं के निर्यात अथवा परिवहन के पूर्व जिला प्रशासन के स्तर पर परमिट निर्गत करने की पुरी सूचना आयोग के पास उपलब्ध हो ऐसा प्रस्ताव भी आज की बैठक में पारित किया गया।
झारखण्ड गो सेवा आयोग का अपना वेबसाइट बने ताकि पूरी पारदर्शिता के साथ आयोग के स्तर पर चलनेवाली योजनाओं की जानकारी साथ ही साथ गोशालाओं के निबंधन को लेकर आनलाइन पद्धति की शुरूआत इस राज्य में जल्द से जल्द हो जिससे निबंधन की प्रक्रिया त्वरित गति से हो सके। वर्तमान में अभी राज्य के आठ जिलों यथा खूंटी, गुमला, लोहरदग्गा में निबंधित गौशालाएं नहीं है। इससे निबंधन प्रक्रिया को दूर किया जा सके।
  आज की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 में संचालित की जानेवाली कार्यक्रम का भी अनुमोदन किया गया।
झारखण्ड गो सेवा आयोग के नियमावली के तहत इसे और व्यापक बनाने के दृष्टिकोण से सी० एस० आर० एवं अन्य माध्यमों से सहायता प्राप्त करने एवं इस माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहायता के संचालन हेतु निधि को रखे जाने हेतु राष्टीयकृत बैंक में खाता खोले जाने की अनुमति के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजे जाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में झारखण्ड गो सेवा आयोग के सचिव डा० संजय प्रसाद, रजिस्ट्रार डा० मुकेश मिश्रा, पशुचिकित्सा पदाधिकारी डा० प्रभात कुमार पांडेय एवं डा० जय कुमार तिवारी तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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