डोपिंग मामले में मेरी बात नहीं सुनी गई: किप्रोप

नैरोबी। डोपिंग के कथित आरोप के कारण एक साल से अस्थायी रूप से निलंबित 1,500 मीटर के विश्व चौम्पियन रह चुके एस्बेल क्रिप्रोप ने कहा कि किसी ने भी उनके बेगुनाह होने की बात नहीं मानी और उचित कार्रवाई नहीं की। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एथलीट इंटेग्रिटी यूनिट (एआईयू) ने एंटी-डोपिंग एजेंसी ऑफ केन्या (एडीएके) के साथ मिलकर एक अभियान चलाया था जिसके अंतर्गत पिछले साल तीन फरवरी को क्रिपोप के पेशाब का नमूना लिया गया। उसमें ईपीओ पाया गया जो एक प्रतिबंधित पदार्थ है। क्रिपोप ने सोमवार को कहा, पिछले साल की तीन तारीख को मुझे एआईयू ने व्यक्तिगत रूप से बताया कि मैं ड्रग टेस्ट में फेल हो गया हूं। मैंने इस आरोप का खंडन भी किया क्योंकि मैंने डोपिंग नहीं की। यह साल मेरे लिए एक दशक जैसा रहा, मैंने अपने समर्थक खो दिए और मेरे लिए सब बहुत मुश्किल रहा। मैं हमेशा खुद से पूछा कि क्यों? पिछले साल मार्च में 29 वर्षीय खिलाड़ी पर डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। क्रिपोप ने कहा, मुझमें अब प्रेरणा और उम्मीद की कमी है। मैं अपने सपनों को नहीं देख पा रहा, मुझमें एक खिलाड़ी की भवना नहीं बची है और मुझे वह चीज नहीं दिख रही जिसके लिए मैं जीता हूं। मैं फिर भी हार नहीं मानूंगा, मेरे अंदर अभी भी बहुत कुछ बाकी है। एआईयू कृपया करके मुझे न्याय प्रदान करें। मैं डोपिंग में शामिल नहीं था। क्रिपोप का मामला फिलहाल, इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन (आईएएफएफ) के पास है और वे केन्याई खिलाड़ी पर चार साल तक का प्रतिबंध लगा सकते हैं।

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