झारखंड विधानसभा ने कृषि विभाग की अनुदान मांगों को मंजूरी प्रदान की

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को सदन ने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों मंजूरी प्रदान कर दी। जबकि झाविमो के प्रदीप यादव के कटौती प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। राज्य के कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने सदन में भोजनावकाश के बाद अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2014 के पहले कृषि की विकास दर माइनस 4.5 प्रतिशत थी जो 2018 में बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य पहले खान- खनिज के लिए देश-विदेशों में जाना जाता था लेकिन अब कृषि के रूप में भी जाना जाने लगा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले खाद्य प्रसंस्करण की कोई ईकाई नहीं थी लेकिन अब नगड़ी में खाद्य प्रसंस्करण की ईकाई खोली गयी है तथा अन्य स्थानों पर भी इसे खोलने का काम भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार ने किसान को प्रति एकड़ पांच हजार रुपया देने की घोषणा की है। इससे पहले झाविमो के प्रदीप यादव ने अपना कटौती प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि जब भी किसानों ने अपनी आवाज उठायी है उनकी आवाज दबा दी गई। उन्होंने कहा कि किसी भी शर्त पर खेती की जमीन का अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। सदन ने यादव के कटौती प्रस्ताव को नामंजूर करते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की 33 अरब 45 करोड़ 18 लाख 97 हजार से अधिक की राशि की अनुदान मांगों को ध्वनि मत से मंजूरी प्रदान कर दी।

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