झारखंड राज्य ग्राम प्रधान महासंघ ने पेशा कानून के तहत ग्राम सभा की अध्यक्षता व सरकारी योजनाओं का चयन का अधिकार ग्राम प्रधान को देने की मांग को लेकर मंत्री को सौंपा ज्ञापन

ओरमांझी:मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजना अबुआ आवास योजना के तहत लाभुकों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हो। इसी मांग को लेकर झारखंड प्रदेश ग्राम प्रधान महासंघ के अध्यक्ष रमेश उरांव के नेतृत्व में रविवार को ग्राम प्रधानों का एक प्रतिनिधि मंडल सूबे के ग्रामीण विकास विभाग एवं संसदीय कार्य पंचायती राज विभाग के मंत्री आलमगीर आलम से मिलकर पत्र सौंपा है।मंत्री को प्रेषित पत्र में ग्राम प्रधान महासंघ की ओर कहा गया है कि सरकार की मंशा है कि अबुआ आवास योजना का लाभ प्रदेश के गरीबों और असहायों को प्राथमिकता के आधार पर देना है।अहर्ता रखने वाले पात्र लाभुकों का अंतिम चयन ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में होना है।पत्र में कहा गया है कि झारखंड में पंचायती राज व्यवस्था है और यहां पेशा कानून भी प्रभावी है।अधिसूचित और अनुसूचित क्षेत्र में पेशा कानून 1996 के तहत सरकारी योजनाओं का चयन व क्रियान्वयन ग्राम सभा के माध्यम से होना है।पेशा कानून में दिए गए अधिकार के अनुसार ग्राम सभा की अध्यक्षता परंपरागत ग्राम प्रधान मुंडा,मानकी,मांझी,पाहन व महतो ही कर सकते हैं।कानून में दिए गए प्रावधान के तहत गैर अधिसूचित व गैर अनुसूचित क्षेत्र में ही पंचायत के मुखिया ग्राम सभा की अध्यक्षता कर सकते हैं।परंतु वर्तमान में ऐसा न होकर अबुआ आवास की अंतिम प्रतीक्षा सूची का चयन ग्राम सभा में ग्राम प्रधान को दरकिनार और नियम कानून को ताक में रख कर मुखिया की अध्यक्षता में की जा रही है।जो नियम और कानून के खिलाफ है।इस का झारखंड राज्य ग्राम प्रधान महासंघ पुरजोर विरोध करती है।मंत्री को प्रेषित पत्र में ग्राम प्रधान महासंघ के अध्यक्ष रमेश उरांव ने कहा है कि इस पर अविलंब संशोधन और रोक लगाने से संबंधित आदेश पंचायती राज विभाग,राज्य के सभी उपायुक्तों सहित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया जाए।इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री आलमगीर आलम ने ग्राम प्रधान महासंघ के प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मेरी ओर से इस पर सुधार करने को लेकर तुरंत संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।रमेश उरांव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस प्रकार से आगे भी असंवैधानिक तरीके से काम जारी रहा तो उच्च न्यायलय का शरण में जाने को विवश होना पड़ेगा।कहा कि ग्राम प्रधानों का हक अधिकार को छीनने का प्रयास और अपमान को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पूरे राज्य में ग्राम प्रधान झारखंड राज्य ग्राम प्रधान महासंघ के बैनर तले जोरदार आंदोलन करेंगे।इस बाबत झारखंड राज्य ग्राम प्रधान संघ ने खिजरी विधायक राजेश कच्छप और रांची के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा को भी पत्र सौंप कर सुधार की मांग की है।प्रतिनिधि मंडल में ग्राम प्रधान दीपक मुंडा,सुखराम पाहन,कैलाश बेदिया,विजय बेदिया सहित राज्य के अलग-अलग जिलों के दर्जनों ग्राम प्रधान शामिल थे।

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