झारखंड में 30 हजार नियुक्तियां निकाली जाएंगी : चंपाई सोरेन

रांची। मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने गुरुवार को कहा कि आने वाले तीन से चार महीने के भीतर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में 30 हजार रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्तियां निकाली जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की सोच है कि बहुत कम समय में ही ऐसे कार्य किए जाएं, जो झारखंड के विकास में एक मिसाल कायम कर सकें।
मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन गुरुवार को रांची स्थित शहीद मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विभिन्न पदों पर नवनियुक्त 2454 अभ्यर्थियों को राज्य सरकार नियुक्ति पत्र दे रही है। आज से आप सभी के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। आप सभी नवनियुक्त अभ्यर्थी राज्य सरकार के अभिन्न अंग के रूप में कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि आप सभी नवनियुक्त अभ्यर्थी यहां के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी पूर्वक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मैं आप सभी को अपनी ओर से बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

जल्द जनजातीय शिक्षकों की भी होगी नियुक्ति


मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही जनजाति भाषाओं के जनजातीय शिक्षकों की भी नियुक्ति करेगी। राज्य सरकार की यह सोच है कि झारखंड की समृद्ध जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई भी अब प्राथमिक विद्यालयों से ही शुरू की जाए। इस निमित्त पूरी तैयारी की जा रही है। झारखंड को सोने की चिड़िया वाले प्रदेश के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन यह विडंबना है कि बरसों से यहां के आदिवासी, मूलवासी, गरीब, शोषित, पिछड़े अल्पसंख्यक सहित जरूरतमंदों को व्यवस्था से दूर रखने का काम किया गया। उनकी सरकार अब इन वर्गों के लोगों को उनका हक-अधिकार देने का कार्य कर रही है। अलग झारखंड राज्य बनने के बाद अपेक्षा अनुरूप यहां के लोगों का विकास नहीं हो सका है। वर्तमान समय में उनकी सरकार झारखंड के हर वर्ग और हर तबके के सर्वांगीण विकास को लेकर कृत संकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनी थी। सरकार गठन होते ही देश और दुनिया में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी और पूरी व्यवस्था बंद हो गई। पूर्व की सरकारों ने राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर अस्पतालों को संसाधन संपन्न करने पर ध्यान नहीं दिया, परंतु पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण काल के समय देश भर में एक बेहतर हेल्थ मैनेजमेंट का उदाहरण पेश किया। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण काल में जीवन और जीविका दोनों को बचाने का कार्य कर दिखाया।

शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना प्राथमिकता


चम्पाई सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और मजबूत करने का कार्य कर रही है। राज्य के भीतर संचालित सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर मॉडल स्कूल तथा उत्कृष्ट विद्यालयों के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। राज्य के गरीब, मजदूर, किसान वर्ग के बच्चे भी अब क्वालिटी एजुकेशन प्राप्त कर सकें, इस निमित्त उनकी सरकार प्रतिबद्धता के साथ व्यवस्था में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उनकी सरकार निरंतर सहयोग कर रही है। स्कूली बच्चों की छात्रवृत्ति राशि में तीन गुना तक की वृद्धि की गई है। उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आवश्यकता अनुसार गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से आर्थिक सहयोग किया जा रहा है।

सबको मिले रोटी, कपड़ा और मकान का अधिकार, यही उद्देश्य


उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासी, मूलवासी, गरीब, मजदूर, पिछड़े, अल्पसंख्यक सहित सभी-वर्ग समुदाय के जरूरतमंद परिवारों को रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध कराने का कार्य उनकी सरकार कर रही है। यहां की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्था को निरंतर मजबूत किया जा रहा है। मूलभूत और बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करने में सभी का सहयोग बहुत जरूरी है, सभी को अपनी जिम्मेदारी संभालनी होगी। उनकी सरकार पीएम आवास योजना से वंचित 20 लाख पात्र परिवारों को अबुआ आवास योजना का लाभ देगी। राज्य में अबुआ आवास योजना के अंतर्गत प्रथम फेज में चिह्नित परिवारों को डीबीटी के माध्यम से प्रथम किस्त की राशि जा चुकी है।

  • इन पदों पर हुई नियुक्ति
  • -स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा-2023 अंतर्गत बायोलॉजी के 253, केमिस्ट्री के 259, फिजिक्स के 313 एवं भूगोल के 195 स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक।
  • -नगर विकास एवं आवास विभाग अंतर्गत 15 पाइप लाइन इंस्पेक्टर और 55 स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर।
  • कृषि विभाग अंतर्गत 09 कनीय अभियंता।
  • खान एवं भूतत्व विभाग अंतर्गत 34 खान निरीक्षक।
  • विद्युत विभाग अंतर्गत 53 कनीय अभियंता।
  • पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग अंतर्गत 1,268 कनीय अभियंता (सिविल)।

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