ग्रामीण आजीविका का नया आयाम – बिरसा हरित ग्राम योजना

राज्य बागवानी सलाहकार समिति (स्टेट प्लान एडवाईजरी कमेटी) की बैठक सचिव, ग्रामीण विकास विभाग की अध्यक्षता में संपन्न

वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिरसा हरित ग्राम योजना के विस्तार हेतु की जाने वाली गतिविधियों पर की गई चर्चा

रांचीः आज दिनांक 13 मार्च 2023 श्री चंद्रशेखर सचिव ग्रामीण विकास विभाग की अध्यक्षता में स्टेट प्लांटेशन एडवाइजरी कमेटी की बैठक एफएफपी बिल्डिंग के सभागार में हुई। बैठक में मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी,वन विभाग ,कृषि, जेएसएलपीएस, केंद्रीय तसर प्रशिक्षण संस्थान, निदेशक आइआइआरजी, निदेशक कृषि अनुसंधान ,कृषि विज्ञान केंद्र, जेएसडब्ल्यूएम टीआरआईएफ निदेशक बैठक में शामिल हुए।
उक्त बैठक में सचिव, ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है।इस बार आम की बागवानी के अलावा अन्य फलदार पौधों जैसे- अमरूद, निम्बु, नासपाती, सरीफा, बेर, कटहल, सहजन इत्यादि की बागवानी को बढ़ावा देने के साथ ही मिश्रित फलदार पौधों की बागवानी को प्रोत्साहित करने पर बल दिया है. मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से अंतः कृषि के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था हुई है , जो आने वाले समय में ग्रामीणों की आय का अतिरिक्त जरिया साबित होगा।

बैठक में ये निर्णय लिये गये

●बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एसएचजी की दीदीयों द्वारा संचालित दीदी बगिया योजना उद्यमियों को फलदार पौधा तैयार करने हेतु प्रशिक्षण एवं अन्य सहायता प्रदान किया जाय ताकि गुणवत्तापूर्ण पौधों का उत्पादन नर्सरी में किया जा सके। दीदी बगिया अन्तर्गत स्थापित नर्सरियों का रजिस्ट्रेशन जेएसएलपीएस के माध्यम से नेशनल हॉर्टीकल्चर बोर्ड में कराने पर विचार करने का भी निर्णय लिया गया।

●बागवानी सखियों का समय पर क्षमतावर्धन एवं उन्हें तकनीकी रूप से और सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित करना आवश्यक है, क्योंकि लाभुकों द्वारा किये जा रहे बागवानी में इनके द्वारा निरंतर तकनीकी सलाह दी जाती है। अतः उन्हें प्रशिक्षित कर उनके द्वारा बागवानी अंतर्गत किए गए कार्य की एवज में ससमय मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए

●बागवानी योजना के सफल क्रियान्वयन बड़े पैमाने पर करना तभी संभव है. जब योजना में सहयोग हेतु पंचायत / प्रखण्ड एवं जिला स्तर पर आवश्यक मानव संसाधन की तैनाती की जाय। अतः इस कार्य हेतु कमिटि के सदस्यों द्वारा तसर डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि के साथ समन्वय स्थापित कर वृक्षारोपण हेतु आवश्यक मानव संसाधन से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया गया, ताकि विभाग स्तर से इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जा सके।

●बिरसा हरित ग्राम योजना अन्तर्गत अभिसरण के तहत जेएसएलपीएस के द्वारा बागवानी में ड्रीप एरिगेशन की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार करने का भी निर्णय लिया जाय।

●राज्य में रोड साइड प्लांटेशन करने का भी निर्णय लिया गया।

● बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एडवाईजरी कमेटी के सदस्य जिन संस्थानों से जुड़े है उनके कार्य क्षेत्र / जिलों में संचालित बागवानी योजना के साथ उनको जोड़ने का कार्य किया जाय ताकि समय-समय पर क्षेत्र भ्रमण के दौरान पौधों की वर्तमान स्थिति पर नजर रखी जा सके एवं उनको तकनीकी सलाह भी दी जा सके। साथ ही तकनीकी सेल स्टेट और जिला में गठित किया जाएगा।

● बिरसा हरित ग्राम योजना अन्तर्गत अधिक-से-अधिक बागवानी सामग्री यथा पौधें, खाद (वर्मी कम्पोस्ट /एफवाईएम) तैयार कर उसकी आपूर्ति एसएचजी की दीदीयों के माध्यम से भी करने का निर्णय लिया गया।

● वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी स्थानीय नर्सरी उद्यमियों को प्रोत्साहित करने, ससमय गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से झारखण्ड राज्य में एनएचबी द्वारा रजिस्टर्ड नर्सरियों से ही पौधा क्रय करने का निर्णय लिया गया ।

● बागवानी सखियों का ससमय क्षमतावर्धन एवं उन्हें तकनीकी रूप से और सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित करना आवश्यक है, क्योंकि लाभुकों द्वारा किये जा रहे बागवानी में इनके द्वारा निरंतर तकनीकी सलाह दी जाती है। अतः उन्हें प्रशिक्षित कर उनके द्वारा बागवानी अन्तर्गत किये गये कार्य के एवज में ससमय मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

● बिरसा हरित ग्राम योजना एवं दीदी बगिया के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित भुगतान ससमय कराना सुनिश्चित किया जाय ।

● बिरसा हरित ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु मनरेगा एवं जेएसएलपीएस के सभी प्रतिनिधियों को वर्ष 2023-24 में होने वाले बागवानी योजना के लिये पुनः प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया।

बैठक में ये थे शामिल

बैठक में श्रीमती राजेश्वरी बी मनरेगा आयुक्त, के सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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