‘उजास मासिक धर्म स्वास्थ्य एक्सप्रेस’ झारखंड में किया प्रवेश

रांची: मासिक धर्म स्वास्थ्य और उस दौरान अपनाई जाने वाली स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अद्वैतेशा बिड़ला के नेतृत्व में आदित्य बिडला एजुकेशन ट्रस्ट के तहत शुरू की गई पहल ‘उजास मासिक धर्म स्वास्थ्य एक्सप्रेस’ झारखंड में आ गई है। कई राज्यों में यात्रा की सफलता जारी रखते हुए इस पहल का उद्देश्य झारखंड में किशोरियों और महिलाओं के बीच मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाकर एक क्रांतिकारी बदलाव लाना है।
यह वैन पूरे झारखंड के कई शहरों को कवर करते हुए किशोरियों और महिलाओं तक पहुंच रही है। उजास मासिक धर्म स्वास्थ्य एक्सप्रेस मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करती है। स्कूलों, आंगनबाड़ियों, सरकार द्वारा संचालित कॉलेजों और स्थानीय समुदायों और जिला अस्पतालों में मुफ्त सैनिटरी नैपकिन का वितरण करती है। यही, झारखंड में भी किया जा रहा है।
इस दौरान स्थानीय एनजीओ पार्टनर्स सेफ सोसाइटी और सह्याद्री फाउंडेशन के सहयोग से यह कार्य किए गए। उजास राज्यभर से मासिक धर्म पर विभिन्न सांस्कृतिक मानदंडों और दृष्टिकोणों के बारे में डेटा एकत्र करेगी और मासिक धर्म से जुड़े मिथक और कलंक को दूर करने के समाधान विकसित करने के लिए इस डेटा का गहन विश्लेषण करेगी।
मुंबई से शुरू होने के बाद से उजास मासिक धर्म स्वास्थ्य एक्सप्रेस वैन ने पूरे देश में यात्रा की है, जिससे इस पहल का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। उजास का लक्ष्य भारत में मासिक धर्म स्वास्थ्य की स्थिति पर दूरगामी असर डालना है। एक ऐसा समाज बनाने में मद करना है जहां मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता को बातचीत के एक सामान्य विषय के रूप में स्वीकार किया जाता हो। उजास देश भर के समुदायों और नागरिकों को, जेंडर या उम्र की परवाह किए बिना इस क्रांतिकारी पहल में शामिल होने का न्योता देती है।
उजास की संस्थापक अद्वैतेशा बिड़ला ने कहा कि हमने कई शहरों में सफल शैक्षिक कार्यशालाएं की हैं और झारखंड में हमारा आना हमें मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को दूर करने के अपने लक्ष्य के एक कदम और करीब लाता है। हम एक ऐसी संस्कृति का निर्माण करने में जुटे हुए हैं जो मासिक धर्म स्वास्थ्य को स्वीकार कर सके, समझ सके और उसका समर्थन कर सके। हम मासिक धर्म स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सक्रियता से जुटे हुए हैं और सामाजिक धारणाओं में क्रांति लाने का प्रयास कर रहे हैं। यह कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण और परिवर्तन का एक शक्तिशाली उदाहरण है, एक ऐसे भविष्य की बात करता है जो अधिक समावेशी और प्रबुद्ध है।

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