अलकतरा घोटालाः पूर्व मंत्री इलियास हुसैन व सचिव शहाबुद्दीन समेत 7 दोषियों को 5-5 साल की सजा, 20-20 लाख जुर्माना भी

रांची में सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा ने सुनाई सजा
1.57 करोड़ के घोटाले में पटना हाईकोर्ट ने 1997 में दिया था सीबीआई जांच का आदेश

रांची। 22 साल पुराने 1.57 करोड़ रुपये के अलकतरा घोटाले में बिहार के पूर्व मंत्री व राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता इलियास हुसैन, उनके सचिव शहाबुद्दीन के साथ ही सभी सात दोषियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच-पांच साल कैद और 20-20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ठेकेदार (आपूर्तिकर्ता) डीएन सिंह पर सात लाख रुपये जुर्माना हुआ है। शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा ने यह फैसला दिया। सजा पाने वालों में बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन, उनके सचिव शहाबुद्दीन बेक, खरीद एवं परिवहन विभाग के निदेशक केदार पासवान, उपनिदेशक मुजतबा अहमद, कार्यपालक अभियंता रामानंद राम, सेक्शन पदाधिकारी शोभा सिन्हा और ट्रांसपोर्टर आपूर्तिकर्ता डीएन सिंह शामिल हैं। सुनवाई के दौरान उपनिदेशक मुजतबा अहमद अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ वारंट भी जारी किया। 1994 से 1996 के बीच 3,266 मीट्रिक टन अलकतरे का घोटाला हुआ था। इस मामले में 10 फरवरी 1997 को पटना उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके बाद सीबीआई ने 20 मार्च 1997 को अलग-अलग पांच प्राथिमिकियां दर्ज की थी। सीबीआई ने पूर्व मंत्री इलियास हुसैन और उनके निजी सचिव शहाबुद्दीन बेग समेत 18 लोगों को नामजद किया था। जांच में सीबीआई ने तीन को वादा माफ गवाह बना लिया था। सुनवाई के दौरान 8 आरोपितों का निधन हो चुका है। वर्तमान में कांड संख्या आरसी 2/97 में सात आरोपित ट्रायल फेस कर रहे हैं। सितंबर 2018 में हुसैन को एक मामले में चार साल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें वे सजा काट रहे हैं। 1.57 करोड़ रुपये के अलकतरा घोटाले की सुनवाई पूरी होने के बाद सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत ने 19 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाने की तिथि उन्होंने 22 फरवरी तय की थी।
रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में सजा काट रहे हैं राजद नेता इलियास
पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में सजा काट रहे हैं। 28 सितंबर 2018 को अलकतरा घोटाले के एक अन्य मामले में उन्हें चार साल की सजा हुई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई थी। मोहम्मद इलियास हुसैन संयुक्त बिहार में पथ निर्माण मंत्री थे। उस समय लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे। इलियास हुसैन 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में डेहरी से राजद के टिकट पर विधायक चुने गए थे।

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