24 साल में मुसलमानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ : राष्ट्रीय जन क्रांति मोर्चा

रांची। राष्ट्रीय जन क्रांति मोर्चा ने आज प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से झारखंड के राज्य का गठन हुए 24 साल हो गए लेकिन मुसलमान की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है किसी भी सरकार ने मुसलमानों के सामाजिक शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया
रोजगार और नीतिगत मामलों से मुसलमान अब भी वंचित है |
राजनीतिक भागीदारी तो ना के बराबर है 24 साल में सिर्फ एक सांसद संसद पहुंच पाया
राज्य में 14. 53 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है फिर भी सियासी हाशिए पर है प्रमुख राजनीतिक दल मुसलमानों को चुनाव मैदान में उतरने से परहेज करते हैं | उन्हें सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहिए अक्सर चुनाव हारने का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ते रहते हैं झारखंड के मुसलमान मोब लिंचिंग का शिकार होते रहे हैं अपराधी ना तो पकड़े जाते हैं और ना ही सरकार उनके परिजनों को मुआवजा देती है
राज्य में सर्वाधिक 46 मोब्लिंचिंग की घटनाएं 2016 से 2021 के बीच हुई अभी एक सप्ताह पहले कोडरमा में मौलाना शहाबुद्दीन मोब्लिन क्या शिकार हुए अपराधी अभी पकड़ से बाहर है पिछली भाजपा सरकार ने हजारों प्राथमिक स्कूलों का अन्य स्कूलों में मर्ज कर दिया जिसमें सैकड़ो उर्दू स्कूल भी थे उर्दू स्कूलों के बंद होने से मुस्लिम बच्चे उर्दू की पढ़ाई से वंचित तो हुए हैं उर्दू शिक्षक बनने से भी वंचित हो गए झारखंड में तीन से चार हजार उर्दू शिक्षक के पद रिक्त है राज्य सरकार ने शिक्षक नियुक्ति की पहल तो की है लेकिन उर्दू शिक्षकों की बहाली करने का अब तक कोई निर्णय ही नहीं लिया गया है
राज्य सरकार से झारखंड जन क्रांति मोर्चा का आगरा होगा कि उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने की पहल की जाए
वर्तमान सरकार से हम यह भी कहना चाहेंगे कि नियोजन नीति में सुधार ले और एक मजबूत झारखंड के उज्जवल भविष्य को देखते हुए नियोजन नीति को सुधारे साथ ही साथ वर्तमान सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जो यहां की युवाओं को यह आश्वासन दिया था कि अगर हम सरकार में आते हैं तो हम मुसलमान को 5% आरक्षण देंगे एक लाख युवाओं को हर वर्ष नौकरी देंगे और जिन्हें नौकरी नहीं मिलेगी उनको बेरोजगारी भत्ता देंगे मगर यह वादे खोखले साबित हुए इस पर भी वर्तमान सरकार को सुधार करना चाहिए साथ ही साथ झारखंड क्रांति मोर्चा यह अनुरोध करती है कि समाज के अंतिम व्यक्ति जिन्हें दुनिया असहाय निशुल्क रहती है उनके लिए वर्तमान सरकार अपने घोषणा पत्र में कहा था कि इनका पेंशन ₹1000 से बड़ा कर ₹2500 कर दिया जाएगा यह भी वादा छोटा साबित हुआ राष्ट्रीय जन क्रांति मोर्चा झारखंड के समस्त झारखंड वासियों के तरफ से सरकार से अनुरोध करती है कि वह अपने वादों को पूरा करें वर्तमान सरकार कहीं ना कहीं अपने वादे और इरादे में खड़ा नहीं उतर पाई है और झारखंड की जल जंगल जमीन की रक्षा भी नहीं कर पाई है साथ ही साथ झारखंड का दुर्भाग्य है कि सरकार स्तर पर सिर्फ घोषणा मात्र कहा जाता है कि हम पलायन रोकेंगे एवं नौजवानों को अपने राज्य ही में रोजगार माहिया करेंगे लेकिन अफसोस यह भी एक एक चुनावी जुमला बनकर रह गया है

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