अशिक्षा से हो रही है मानवता में कमी,शिक्षा के बिना अधूरा है जीवन: सैयद कामरान

ओरमांझी:अशिक्षा,आपसी प्रेम व त्याग की भावना में कमी के कारण ही आज इंसान के जीवन में मानवता नाम के चीज खत्म होती जा रही है।इंसान आज अपने स्वार्थ की पूर्ति और संसार की सुख-सुविधा हासिल करने में ही लगा हुआ है।जबकि,इंसान को इस संसार में चंद दिन ही रहना है।उक्त बातें रविवार की रात सिकिदिरी के रजा नगर कुटे में आयोजित सुन्नत-ए-मुस्तफा कांफ्रेंस में अल्लमा सैयद कामरान हसीब ने कही।उन्होंने कहा कि असल जिंदगी तो मरने के बाद शुरू होती है।लेकिन,आज इंसान मरने के बाद की जिंदगी के लिए तैयारी नहीं कर रहा है।जबकि,मरने के बाद की जिंदगी की तैयारी हर इंसान के लिए जरूरी है।कांफ्रेंस में आलिमों ने मजहबी और दुनियावी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस के बिना एक इंसान नेक इंसान बनने की कल्पना भी नहीं कर सकता है।इंसान अपने जीवन में शिक्षा और नेक अमल कर के ही नेक इंसान बन सकता है।आलिमों ने मजहबी और दुनियावी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि इस्लाम मजहब में हर मुसलमान के लिए इसे फर्ज करार दिया गया है।परंतु आज इंसान इस के प्रति गंभीर नहीं है।इंसान इसे अपने जीवन में आत्मसात कर के ही दुनिया और आखिरत में सफलता हासिल कर सकता है।कांफ्रेंस में मुबारक हुसैन,जमजम फतेहपूरी,मतलुब मंजर व अशफाक खान ने नात-ए-रसूल स.अ.पेश कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस से पूर्व कारी मेराज रजा ने कलाम पाक की तिलावत से कांफ्रेंस की शुरुआत की।अध्यक्षता मुख्य संरक्षक नाजिर खान व संचालन अल्लमा हसन रजा अतहर ने किया।इस अवसर पर हाफिज व कारी अब्दुल जलील,साबिर रजा,असलम रिजवी,हाफिज इस्तियाक,कामरान रजा,शमशाद अजहरी,हाफिज इफ्तेखार रजा,गुलाम वारिश,अबू रेहान,सिकंदर रजा व हयात अंसारी उपस्थित थे।कांफ्रेंस की सफलता में मुख्य संरक्षक नाजिर खान,रुस्तम खान,सद्दाम खान,सोनू खान,हसीब खान,आशिफ खान,अकरम रजा खान,सरताज खान का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।

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