वुल्ली मैमथ : वो चलते थे तो कांप जाती थी धरती, उन विशाल हाथियों का होगा वापसी

वुल्ली मैमथ : हिमयुग के दौरान ऊनी मैमथ उत्तरी अमेरिका और यूरेशिया में घूमते थे। ये जीव लगभग 10,000 साल पहले विलुप्त हो गए थे। वैज्ञानिकों को अबतक यह नहीं पता है कि उनके विलुप्त होने का कारण क्या था। कई लोग मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन और मानव शिकारियों में वृद्धि इसका कारण थी।
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लंदन : हजारों साल पहले धरती पर पाए जाने वाले विशालकाय Woolly Mammoths (बड़े-बड़े दांतों वाला विशालकाय हाथी) अब एक बार फिर जंगलों में घूमते नजर आ सकते हैं। नई फंडिंग और साइंस की मदद से एक अद्भुत और क्रांतिकारी प्रोजेक्ट को गति मिली है। इकोसिस्टम से विशालकाय जीवों के गायब होने के हजारों साल बाद वैज्ञानिक छह साल के भीतर इन्हें आर्कटिक जंगलों में वापस लाना चाहते हैं।

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कब्र से वापस आएंगे मैमथ
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक मेगा-रिच इन्वेस्टर बेन लैम और बिजनेस पार्टनर जॉर्ज चर्च द्वारा प्रोजेक्ट के लिए 11 मिलियन पाउंड जुटाने के बाद यह उम्मीद जगी है। लैम और चर्च की फर्म Colossal जीन एडिटिंग सॉफ्टवेयर में माहिर हैं। वैज्ञानिकों को भरोसा है वह हजारों साल पुरानी क्रब से मैमथ को वापस लाने में कामयाब होंगे। सोमवार को इस प्रोजेक्ट की घोषणा की गई जिसके मुताबिक विलुप्त जानवरों को जंगल में वापस लाने की योजना अगले दशक से पहले वास्तविकता बन सकती है।

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ऐसा जानवर जो मैमथ जैसा हो
वैज्ञानिक मैमथ डीएनए से लैब में भ्रूण पैदा कर हाथी-मैमथ हाइब्रिड बनाएंगे। ये भ्रूण सरोगेट या कृत्रिम गर्भ की मदद से विकसित हो सकते हैं। चर्च ने द गार्जियन को बताया कि उनका उद्देश्य आर्कटिक में जीवित रहने में सक्षम मैमथ बनाने का है। उन्होंने कहा कि हमारा टारगेट एक ठंड प्रतिरोधी हाथी बनाना है लेकिन यह दिखने और व्यवहार में मैमथ की तरह ही होगा।

आर्कटिक क्षेत्र में लौटेगा पूरा झुंड
उन्होंने कहा कि हम किसी को धोखा नहीं दे रहे। हम कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो मैमथ जैसा हो, जो -40 डिग्री सेल्सियस पर जीवित रह सके और वह सब कुछ कर सके जो हाथी और मैमथ करते हैं। लैम ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ एक मैमथ को वापस लाने का नहीं है बल्कि हम पूरे झुंड को आर्कटिक क्षेत्र में वापस लाना चाहते हैं।

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