Health : ब्लडप्रेशर में कम नमक खाने को क्यों कहा जाता है?

ब्लड प्रेशर के मरीजो के दिमाग में दवा को लेकर बहुत सारे प्रश्न होते है। आइए कुछेक प्रश्नों का जबाब समझते है

Q1: ब्लड प्रेशर की दवा कब लेनी चाहिए? सुबह या रात को?

ब्लड प्रेशर की दवा हमेशा रात मे लेनी चाहिए।आधी रात से बीपी प्राकृतिक रुप से खुद बढने लगती है।सुबह होने तक यह उच्चतम बिन्दु तक पहुंच जाता है।इसी  कारण  हर्ट अटैक आमतौर पर सुबह मे होता है।यदि रात  मे दवा लेते है सुबह तक इसका  प्रभाव अधिकतम रहता है।सुबह मे दवा लेने की धारणा पुरानी हो चुकी है।

Q2: कम नमक खाने को क्यो कहा जाता है?

बीपी के कन्ट्रोल करने मे पेशाब की बड़ी भूमिका होती है।अधिक पेशाब होने से बीपी कन्ट्रोल मे रहता है।अधिक नमक  के सेवन से पेशाब  घट जाता है।जिसके कारण बीपी बढ जाता है।इसलिए नमक कम खाने कहा जाता है।।इनदिनो ऐसी दवाएं उपलब्ध है जो अधिक नमक के  के कुप्रभाव को  कम कर देता है

Q3: बीपी मे तेल, घी और माॅस मछली कम मात्रा मे खाने से क्या फायदा है?

 इन चीजो से शरीर मे  अधिक चर्बी और कोलेस्ट्रॉल बनने लगता है ।जिसके कारण हर्ट मे ब्लाकेज और हर्ट  अटैक की सम्भावना रहती है।कम भोजन और मार्निग वाक से चर्बी जलता  है।और ब्लाकेज नही होता।

Q4: 120/80 से अधिक बीपी होने पर क्या नुकसान है?

अधिक प्रेशर  खून मे तैरता हुआ प्रोटिन को धकका देकर
किडनी तक ले जाता है जिसे  किडनी बाहर नही निकाल पाता।शरीर मे यूरिक एसिड बढने लगता है।पैरो मे सूजन आने लगता है।प्रोटिन से  यूरिया  बढने लगता है ।यह किडनी मे जमा होने लगता है ।धीरे-धीरे किडनी फेल होने लगता है।

Q5: ब्लड प्रेशर मे दो या तीन दवाओ को एक साथ क्यो दिया जाता है?

बीपी के इलाज मे तीन बातो का ध्यान रखना जरुरी होता है।बीपी का नम्बर 120/80 तक लाना,हृदय रोग से बचाव औरकिडनी रोग से सुरक्षा।तीनो काम एक दवा से सम्भव नही है।वैसी दवा दी जाती है जिसमे दो या तीन दवाएं हो।इसे फिकसड डोज कॉम्बिनेशन कहते है।

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