पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है भुजपीड़ासन योग

डॉक्टर्स मानते हैं कि शरीर के ज्यादातर रोगों का कारण हमारे पेट की गड़बड़ी होती है। पेट की मांसपेशियों की मजबूती के लिए भुजपीड़ासन बहुत फायदेमंद आसन है। इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन आता है और अंगों में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इसके अलावा इस आसन की खास बात ये है कि इसके नियमित अभ्यास से आप पेट की सभी बीमारियों जैसे- कब्ज, बदहजमी, गैस और पेट पर जमा चर्बी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कैसे कर सकते हैं ये आसन और क्या हैं इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ।

ऐसे करें भुजपीड़ासन- सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और आगे की तरफ झुकते हुए अपनी हथेलियों को आगे की तरफ कर लें। आपके आपके पैरों से थोड़ी दूरी पर होने चाहिए। अब अपने कूल्हों को ऊपर की तरफ उठाएं। घुटनों को थोड़ा मोड़ें और अपने पैरों को (जो अब तक पीछे हैं) अपने हाथों के पास लाएं (अब आपकी हथेलियां और तलवे एक सीध में जमीन पर हों) अब अपने दाएं हाथ को उठाकर अपनी दाईं एड़ी के ऊपर (जहां से पैर की मोटाई शुरू होती है) का हिस्सा पकड़ें। इसी तरह बाएं हाथ को भी उठाकर अपनी बाईं एड़ी (जहां से पैर की मोटाई शुरू होती है) के ऊपर का हिस्सा पकड़ें। शरीर का पूरा भार अपने दोनों तलवों पर दें ताकि आपका बैलेंस न बिगड़े। अब धीरे-धीरे एक तलवे को इस तरह ऊपर उठाएं कि आपका अंगूठा जमीन को न छोड़े। 5-7 सेकंड इसी पोजीशन में रहें और फिर तलवों को जमीन पर पूरा रख दें। इसके बाद दूसरे पैर को भी इसी तरह उठाएं कि आपका अंगूठा जमीन न छोड़ें। इस पैर से भी 5-7 सेकंड इसी पोजीशन में रहें और फिर तलवों को जमीन पर पूरा रख दें। अपनी हथेलियों को पैरों से थोड़ा पीछे करते हुए जमीन पर रख दें। अब धीरे-धीरे हथेलियों पर सारे शरीर का भार डाल दें और शरीर को हवा में लटकता हुआ छोड़ दें।

क्या हैं इस आसन के लाभ: पेट की सभी समस्याओं में फायदेमंद है भुजपीड़ासन। इस आसन से आपके एब्डोमेन में खिंचाव आता है जिससे आपका पाचन बेहतर होता है। ये आसन आपकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति भी बढ़ाता है। इसका अभ्यास करने से आपकी कलाई, हाथ और आपके अपर बॉडी में मजबूती आती है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है। भुजपीड़ासन का अभ्यास करने से आपका ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसका अभ्यास आपके सिरदर्द को ठीक करने में भी मदद करता है।

आसन में बरतें ये सावधानी: अगर आपको कलाई, कोहनी, लोअर बैक और कंधे पर किसी प्रकार की चोट लगी है तो इस आसन को नहीं करें। अगर आपको सर्वाइकल स्पॉडिलाइटिस और ब्लड प्रेशर की भी समस्या है तो भी इस आसन को मत करें। इस आसन को करने के लिए किसी योगा इन्सट्रक्टर की मदद जरूर लें।

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