भारत की यह 4 जगहें भी हैं घूमने लायक

इसमें कोई शक नहीं कि भारत में घूमने-फिरने लायक अनेक हिल-स्टेशन हैं।लेकिन कई बार कुछ लोगों की पसंद थोड़ी अलग होती है। हिल-स्टेशन की बजाए कुछ युनीक देखने के शौकीन लोगों के लिए हम आज लेकर आए हैं भारत देश की वो जगहें जिनके बारे में उन्होंने बहुत कम सुना होगा। जो लोग इन छुट्टियों कुछ नया करना चाहते हैं उनके लिए आज का यह लेख बहुत काम आने वाला है। तो चलिए जानते हैं भारत देश के कुछ ऑफ बीट शहरों के बारे में….

मैग्नेटिक हिल : मैग्नेट हिल एक “साइक्लोप्स हिल” है जो भारत के लद्दाख में लेह के पास स्थित है। आसपास का क्षेत्र ढलानों के रुप में बना हुआ है, यहां पर यदि आप अगर अपनी कार में जाते हैं तो, दूर से देखने वाले को लगेगा कि आपकी कार लुढ़कने वाली है। यहां मौजूद पहाड़ी को मैग्नेटिक हिल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह भारत का एक ऐसा अजूबा है जहां आमतौर पर पहाड़ी के फिसलन पर वाहन को गियर में डालकर खड़ा किया जाता है। यदि ऐसा नहीं किया जाए तो वाहन नीचे की ओर लुढ़ककर खाई में गिर सकता है लेकिन इस मैग्नेटिक हिल पर वाहन को न्यूट्रल करने खड़ा कर दिया जाए तब भी यह नीचे की और नहीं जाता। इसी बात को प्रैक्टिकल रुप में देखने और करने के लिए लोग यहां आना पसंद करते हैं।

माजुली : असम राज्ये में स्थापित माजुली शहर ने आज भी भारत की सभ्यता और संसकृति को सहेज कर रखा हुआ है। इसी के साथ माजुली असम का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र भी है। माजुली न सिर्फ नदी से बना विश्व का सबसे बड़ा द्वीप है, बल्कि यह असम के वैष्णव धर्म का केन्द्र भी है। यह क्षेत्र चाहे देखने में थोड़ा छोटा हो सकता है, लेकिन अपने आप में पूर्ण क्षेत्र है। यहां जाकर प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ आपको भारत की संसकृति की पहचान भी हो जाएगी।

जीवित पुल : मेघालय में वहां के निवासियों के द्वारा बरगद और अंजीर के पेड़ की जड़ों की मदद से एक पुल तैयार किया गया। असल में गांवो के लोगों को अपनी जरुरत का सामान लाने के लिए नदी में से तैर कर जाना पड़ता था। इस वजह से सब लोग बहुत परेशान थे। फिर लोगों ने अपना दिमाग लगाकर एक बहुत ही सुंदर और भारत की शोभा बढ़ाने वाले पुल तैयार कर दिया। इस पुल को देखने के लिए लोग दूर-दुर से आते हैं।

देवदार के पेड़ : कश्मीर और सिक्किम में मौजूद देवदार के पेड़ ‘रोबर्ट पैटीसन’ और ‘क्रिस्टीन स्टीवर्ट’ की फिल्म ‘ट्वाईलाईट’ में दर्शाए गए एक सीन की याद दिला देते हैं। वैसे तो देवदार के पेड़ बहुत कम भारत में देखने को मिलते हैं। लेकिन यदि आप प्रकृति के नजारों को नजदीक से देखना चाहते हैं तो आपको देवदार के पेडो़ं का यह अद्भुत नजारा आवश्य देख कर आना चाहिए। इसके बाद आपको इस जगह से प्यार हो जाएगा।

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