ये 3 योग शरीर की सुस्ती को भगाएंगे दूर, सुबह उठते ही दिखेंगे फ्रेश

योग (Yoga) शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के विकास में मददगार साबित होता है. योग से शरीर को हेल्दी बनाए रखने में भी मदद मिलती है. वजन कम करने के साथ साथ शरीर को एनर्जी से भरने के लिए भी अक्सर लोग योग की मदद लेते हैं. योग कई तरह की समस्याओं और बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकता है. योग के इन्हीं फायदों को लोगों के सामने रखने के लिए हर साल 1 मार्च से 7 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह (International yoga week 2020) मनाया जाता है.

तरह-तरह के योग करने से कई बार शरीर की सुस्ती छूमंतर हो जाती है. दरअसल सुबह सोकर जगने के बाद अक्सर शरीर में सुस्ती सी बनी रहती है. ऐसे में कई बार बेड छोड़ने का भी मन नहीं होता है. हालांकि अगर योग का रोजाना अभ्यास किया जाए तो शरीर की सुस्ती भाग जाएगी और मानसिक शांति भी मिलेगी. योग करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मन भी खुश होता है. आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे योगासनों के बारे में जिनके नियमित अभ्यास से आपका शरीर सुस्ती भूलकर एनर्जी से भर जाएगा.

वक्रासन को बैठकर किया जाता है. इस आसन के दौरान आपकी रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी होती है. इसे करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीध में रखें. अपने दोनों हाथों को आंखों की सीध में सामने रखें. हाथ पंजों को जोड़ें सांस अंदर लेते हुए दाईं तरफ जाएं और सांस छोड़ते हुए वापस पूर्व की मुद्रा में आएं. अब यही क्रिया बाईं ओर भी करनी है. इसे आप 3 से 5 बार करें.

पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन क्रिया का अभ्यास करना बहुत ही आसान है. सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और ध्यान रखें कि दोनों पैर एक सीध में हों और हाथ बगल में रखें हों. एक गहरी सांस लेकर उसे छोड़ते हुए अपने घुटनों को छाती की ओर ले आएं और जांघों को अपने पेट पर दबाएं. अपने हाथों को पैरों के चारों ओर इस तरह से जकड़ें जैसे कि आप अपने घुटनों को टिका रहे हों.

सुप्त मत्स्येंद्रासन

इस आसन को करना बेहद आसान है. इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं. दोनों हाथों को 180 डिग्री के कोण पर या कंधों की सीध में रखें. अब दाएं पैर को घुटनों से मोड़ें और ऊपर उठाएं और बाएं घुटने पर टिकाएं. अब सांस छोड़ते हुए दाएं कुल्हे को उठाते हुए पीठ को बाईं ओर मोड़े और दाएं घुटने को जमीन पर नीचे की ओर ले जाएं. इस दौरान आपके दोनों हाथ अपनी जगह पर ही रहने चाहिए. आपका सिर बाईं ओर रहेगा. यही क्रिया आपको बाएं पैर के साथ करनी है. इस क्रिया को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं. इससे आपकी पीठ, नितम्ब, रीढ़ और कमर की हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होंगी.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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