Ranchi : शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो व निजी स्कूल प्रबंधन का शव यात्रा निकाला गया

रांची। झारखंड अभिभावक संघ बोकारो जिलाध्यक्ष महेंद्र राय के नेतृत्व में राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो व निजी स्कूल प्रबंधन का शव यात्रा सेक्टर 12 स्तिथ कोऑपरेटिव कॉलोनी मोड़ से बिरसा मुंडा चौक नया मोड़ तक निकाला गया। मुख्यतिथि प्रदेश सचिव राकेश कुमार मधु ने आग लगा कर पुतला दहन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार निजी स्कूल व शिक्षा मंत्री का रवैया है उससे अभिभावकों मैं काफी रोष है। एक तरफ शिक्षा मंत्री कहते कोई भी शिकायत हो हमसे डायरेक्ट मिले, मगर जब अभिभावक मिलने जाते उनके आवास तो उन्हें 4 घंटे बैठाकर होम contrine का बहाना लगा नही मिलते जब कि उनके सोशल मीडिया अकॉउंट के माध्यम से डेली किसी न किसी कार्यक्रम मैं शामिल होने की जानकारी मिलती। यानी इससे मालूम होता शिक्षा मंत्री फीस के मुद्दे पर मिलना नही चाहते। मीडिया के सामने अलग चेहरा,अभिभावकों के सामने अलग।बयान देकर मीडिया से छुटकारा ले लेते।
साथ ही साथ जिलाध्यक्ष महेंद्र राय ने कहा कि सरकार द्वारा जारी निर्देश की धज्जियां उड़ा रही निजी स्कूल प्रबंधन।ऑनलाइन क्लास के बहाने सिर्फ फीस लेना चाहती।बच्चो को बोला जाता अपने अभिभावकों से फीस जमा करने बोले। अभिभावकों के साथ साथ बच्चे भी मानशिक तनाव जी रहे। बच्चों के मानसिक उत्पीरन बिना अभिभावकों के राय से ऑनलाइन शिक्षा शुरू करना।
जब स्कूल खोलने के लिए अभिभवक का वोटिंग लिया गया उसी तर्ज पर ऑनलाइन शिक्षा की पढाई के लिए अभिभाकवों की राय क्यों नहीं लिया गया।
ऑनलाइन क्‍लासेस के बीच में ही नेटवर्क संबंधी समस्याओं से बच्चों को परेशानी होती है। साथ ही, ऑनलाइन क्‍लास में साइंस और सोशल साइंस के प्रैक्टिकल नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, टिचरों के साथ छात्रों का समन्वय नहीं बन पा रहा है।
अचानक शुरू हुई ऑनलाइन पढाई से अभिभावाक जूटा नहीं पाये संसाधन।
स्कूल अपनी जिम्मेदारी इन ऑनलाइन क्लास के जरिये अभिभावकों पर डाल कर रहे हैं और फीस भी ले रहे हैं।
ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के पास यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
संयुक्त परिवार में लर्न फ्रॉम होम में दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं।
5 इंच के मोबाइल में ऑनलाइन क्लास सही नहीं हैं इसके लिये समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
संघ के महासचिव अजित कुमार ठाकुर ने कहा कि सरकार को फिर से विचार करनी चाहिए ताकि अभिभावकों को राहत मिले।पूर्व मैं हमसभी शारीरिक क्लास के फीस देते थे।मगर अभी की फीस ऑनलाइन क्लास के लिये। दोनों फीस एक जैसी कियो दे। ऑनलाइन क्लास के चलते अतिरिक्त खर्च हो रही अभिभावकों को।जबकि निजी स्कूलों द्वारा कुछ टीचर के माध्यम से ऑनलाइन क्लास कर पूरे फीस माँगी जा रही जो न्यायउचित नही। निजी स्कूलों को अपनी tuesion फी कम करनी चाहिये। सरकार ने 9 जून के जो आदेश जारी की वह निजी स्कूल पालन नही कर रही। सरकार ने साफ निर्देश दिया जब से ऑनलाइन क्लास शुरू की गई तब से ही फी ले सकती स्कूल। बोकारो जिले के अधिकांश निजी स्कूल 9 जून के बाद विभिन एप्प के माध्यम से क्लास शुरू की। परंतु निजी अप्रैल माह से माँग रही जो सरकार के आदेश के खिलाफ है वैसे स्कूलों पर करवाई करें जिला प्रशासन।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने मे कार्यक्रम प्रभारी कविनाथ झा,नीरज पटेल,तनवीर खान,सुनील कुमार,अमित कुमार,अशोक सिंह,शंभु प्रसाद,अजित कुमार ठाकुर,कौशल किशोर,रंजीत कुमार,हरेंद्र सिंह,रंजीत प्रसाद,पवन कुमार,देव तिवारी,नीरज सिंह,नवीन कुमार, पुनीतरंजन,राजकुमार,धनेस्वर ,आलोक कुमार,गौतम प्रसाद,मुकेश कुमार, धनंजय तिवारी,अमरेश कुमार,मधुकर सिंह,शशि प्रसाद,इम्तियाज आदि मौजूद थे।

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