40 लाख रुपये गबन का आरोपी शिक्षक बर्खास्त

पाकुड़ : मध्याह्न भोजन मद के 40 लाख रुपये गबन के आरोपित शिक्षक श्रवण कुमार दास को विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्तगी का निर्णय गत 23 मार्च 2020 को जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में लिया गया था। इस संबंध में गत दो जुलाई को जिला शिक्षा अधीक्षक दुर्गानंद झा ने आदेश जारी किया था। जिला शिक्षा अधीक्षक दुर्गानंद झा विभागीय उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के आलोक में यह कार्रवाई की गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि इसी आरोप में संलिप्त और एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश की प्रतीक्षा की जा रही है।साथ ही उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में संलिप्त तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक अरूण कुमार के पेंशन से भी राशि की वसूली की जा रही है।उल्लेखनीय है कि बर्खास्त शिक्षक श्रवण कुमार दास अमड़ापाड़ा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जामुगढ़िया में बतौर प्रधानाध्यापक पदस्थापित थे।
दरअसल उत्क्रमित मध्य विद्यालय जामुगढ़िया के प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार दास तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय पुसरभीठा के प्रधानाध्यापक वर्णवास मरांडी पर आरोप था कि उन लोगों ने विभागीय अधिकारियों व कर्मियों से सांठगांठ व जालसाजी कर मध्याह्न भोजन मद की  आवश्यकता से अधिक राशि अपने विद्यालय की सरस्वती वाहिनी व माता समिति के खातों में हस्तांतरित करवा लिया था। इतना ही नहीं विद्यालय के अध्यक्ष व संयोजिका को धोखे में रख कर उक्त राशि को अपने नीजी खाते में भी हस्तांतरित करवा लिया था।जिसमें तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक अरूण कुमार तथा तत्कालीन मध्याह्न भोजन प्रभारी लिपिक अजय भंडारी की भी संलिप्तता रही थी। मामला प्रकाश में आते ही पाकुड़ के तत्कालीन डीसी दिलीप कुमार झा के निर्देशानुसार अमड़ापाड़ा थाना में वर्ष 2017 में मामला दर्ज कराया गया था, जिसमें तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक अरूण कुमार के अलावा दोनों शिक्षकों व लिपिक अजय भंडारी को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।मामला दर्ज होने के बाद आरोपित श्रवण कुमार दास ने गबन की गई राशि को कुल सात किश्तों में विभाग के खाते में जमा करा दिया था। उसके बाद विभाग ने आरोपित शिक्षकों व लिपिक को निलंबित कर दिया था। साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ प्रपत्र ‘ क ‘ गठित कर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी महेशपुर दो को संचालन पदाधिकारी तथा प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया था।जांच के दौरान दोनों शिक्षकों की गबन में संलिप्तता पाई गई थी।बताते चलें कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय जामुगढ़िया के सरस्वती वाहिनी माता समिति के खाते में 18 मार्च 2015 से 23 मई 2016 तक दस किश्तों में 27 लाख एक हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई थी।जबकि उत्क्रमित मध्य विद्यालय पुसरभीठा के खाते में तीन किश्तों में 16 फरवरी 2016 से 25 मई 2016 के बीच कुल 13 लाख 34 हजार रुपये हस्तांतरित किए गए थे।

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