सूरत: ड्रग्स के कारोबार में लगे थे इंजीनियर और बीफार्म पास युवक

सूरत / अहमदाबाद : क्राइम ब्रांच ने डेढ़ करोड़ रुपये के एमडी (ड्रग्स) के मामले में एयरोनॉटिक्स में इंजीनियरिंग के संकेत और सूरत से ड्रग्स बनाने वाले प्रग्नेश थुम्मर को नामजद किया है। आरोप है कि संकेत को प्रग्नेश ने ड्रग बनाना सिखाया गया था। इतना ही नहीं प्रग्नेश ने यह भी संकेत दिया था कि ड्रग्स किसको सप्लाई करना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।दरअसल, 22 सितम्बर को सूरत क्राइम ब्रांच ने 1.33 करोड़ रुपये प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ तीन युवकों को पकड़ा था। इनमें सलमान, संकेत और विनय शामिल थे। पुलिस ने तीनों आरोपिताें को सात दिन के लिए रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद मुख्य अपराधी सहित दो और गिरफ्तार किए गए हैं। उन्हीं में से एक हैं, वागणा के एक हीरा व्यापारी का बेटा प्रग्नेश थुम्मर।डुमस से गिरफ्तार किए गए सलमान से पूछताछ के आधार पर क्राइम ब्रांच ने शैलेश असालिया को  304.98 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया। संकेत से पूछताछ में पता चला है कि वह कठोडोरा गब्बरवाली गली जिनवाला कंपाउंड में करघे के कारखाने के ऊपर एक मंजिल किराए पर ले रखा था, जहां वह ड्रग्स बनाता था। क्राइम ब्रांच ने एफएसएल के अधिकारियों के साथ मिलकर उस जगह पर छापा मारा। वहां तीन कमरों में एक छोटी सी उत्पादन इकाई लगी। अपराध शाखा ने वहां से विभिन्न रासायनिक पदार्थ, तरल पदार्थ और प्रसंस्करण उपकरण जब्त किए।
पुलिस के अनुसार वराछा में रहने वाले प्रग्नेश प्रवीण भाई थुम्मर ने संकेत को ड्रग्स बनाने की विधि सिखाई।संकेत वड़ोदरा के पारुल विश्वविद्यालय से एयरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक है। सलमान को अदाजन पाल रोड पर सुदा अवास निवासी मोहम्मद सूफियान उर्फ ​​बाबा अशरफ मेमन (30) को ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। इसके अलावा सलमान सूफियान जैसे ग्राहकों से सामान लेते थे। 
वराछा के हीरा व्यापारी के बेटा को बी फार्मा करने के बाद दोस्तों के साथ एमडी नशीली दवाओं का सेवन करने का जुनून सवार हो गया और फिर उसने एमडी बनाना शुरू कर दिया। पुलिस इस नशे के कारोबार में लिप्त अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

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