सूर्यग्रहण : मंगल के मृगशिरा नक्षत्र में 6 वक्री ग्रहों के साथ लगने वाले ग्रहण से छाएगा अंधेरा

– देशभर में 21 जून को लगेगा सूर्यग्रहण
– ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य ग्रहण के बाद कोरोना की स्थिति हो जाएगी नियंत्रित

देशभर में 21 जून को मृगशिरा नक्षत्र में 6वक्री ग्रहों के साथ सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण मिथुन राशि मंगल के मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। ग्रहण के दौरान सूर्य के वलय पर चंद्रमा का पूरा आकार नजर आएगा। सूर्य का केन्द्र का भाग पूरा काला नजर आएगा, जबकि किनारों पर चमक रहेगी। ज्योतिषियों के अनुसार, 25 साल बाद ऐसी स्थिति बनेगी कि दिन में ही अंधेरा छा जाएगा। इससे पहले यह घटना 24 अक्टूबर, 1995 को लगने वाले सूर्य ग्रहण के दौरान घटित हुई थी। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण के चलते दिन में ही अंधेरा छा गया था। पक्षी घोंसलों में लौट आए थे। हवा ठंडी हो गई थी। गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र कुरुक्षेत्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक बताते हैं कि देशभर में सूर्य ग्रहण का सूतक 21 जून रविवार आषाढ़ अमावस्या को भारतीय मानक समय अनुसार सूर्य ग्रहण का आरंभ 21 जून की सुबह 9 बजकर 15 मिनट से दोपहर 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण रहेगा। इसका सूतक 20 जून की रात 9 बजे से आरंभ हो जाएगा। ग्रहण का मध्य 12 बजकर 29 मिनट दोपहर पर होगा। इसका मोक्ष दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर होगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे की रहेगी। यह अधिकांश भू-मंडल पर दिखाई देगा। इसके बाद मौजूदा वर्ष के अंत में एक और सूर्य ग्रहण होगा। विशेष बात यह है कि इस ग्रहण में सूतक काल मान्य होगा, जो कि ग्रहण से 12 घंटे पूर्व लगेगा। इस सूर्य ग्रहण के दिन 6 ग्रह वक्री होंगे जो कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ नहीं माना जा रहा है। हालांकि कंकणाकृति होने का अर्थ यह है कि इससे कोरोना का रोग नियंत्रण में आना शुरू हो जाएगा, लेकिन अन्य  मामलों में यह ग्रहण अनिष्टाकारी प्रतीत हो रहा है। उतर भारत के दिल्ली, गुडगांव, कांगड़ा, हरिद्वार आदि क्षेत्र में भूकम्प, बरसात, आसमानी बिजली से जानमाल की तबाही हो सकती है। रामराज कौशिक ने बताया कि 21 जून को लगने वाला ग्रहण भारत, दक्षिण पूर्व यूरोप एवं पूरे एशिया में देखा जा सकेगा। पिछले साल के आखिरी सप्ताह और इस साल के प्रथम सप्ताह में ग्रहण का संयोग था। पहले सूर्य ग्रहण, उसके बाद चंद्र ग्रहण लगा था और अब इस बार पहले चंद्र ग्रहण लगा है और उसके बाद सूर्य ग्रहण होगा। तत्पश्चात आगामी 5 जुलाई को एक बार फिर से चंद्र ग्रहण लगेगा।

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