छह नाबालिग आदिवासी लड़कियों से दुष्कर्म का प्रयास,चार गिरफ्तार

खूंटी। छह नाबालिग आदिवासी लड़कियों के साथ दुष्कर्म की सूचना पर गुरुवार को खूंटी पुलिस दिनभर हलकान रही।सभी लड़कियां खूंटी थानांतर्गत अरगोड़ी गांव की हैं।घटना की सूचना मिलते ही खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने एक टीम का गठन कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।साथ ही स्वयं भी अपने स्तर पर मामले की जांच में जुट गए। एसपी ने घटनास्थल का दौरा भी किया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हातुदामी गांव के पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक नाबालिग है।इधर, सभी पीड़िताओं को खूंटी थाना लाया गया। थाना में सबको सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।महिला थाना प्रभारी ने सभी पीड़िताओं से गहनता से पूछताछ की। पीड़िताओं की मेडिकल जांच की कार्रवाई की जा रही है।इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।

शाम को पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर बताया कि किसी भी लड़की के साथदुष्कर्म की घटना नहीं हुई है। सभी पीड़िताओं ने अपने बयान में बताया है कि उनके साथ छेड़खानी हुई है, दुष्कर्म नहीं।एसपी ने बताया कि घटना में संलिप्त खूंटी थानांतर्गत हातुदामी गांव निवासी पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें राजेश सांगा, प्रवीण नाग, अविनाथ सैमुर्गा और सागर आइंद को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। वहीं इनके साथ पकड़े गए एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। 

एसपी ने बताया कि सभी आरोपितों के विरुद्ध खूंटी थाना में छेड़छाड़, अपहरण और पोस्को एक्ट की सुसंगत धाराओं के अंगतर्गत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि एफएसएल और सीआईडी की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है।

इधर, घटना की सूचना मिलते ही राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण खूंटी थाना पहुंचीं। यहां उन्हाेंने पीड़िताओं से बातचीत करने के बाद बताया कि इनके साथ दुष्कर्म की घटना नहीं हुई है, लेकिन छेड़छाड़ की गई है।

युवकों के परिजनों ने मुखिया पर लगाया आरोप

गिरफ्तार किये गये युवकों के परिजनों ने युवकों को निर्दोष बताते हुए कहा कि लड़कियों के परिजनों से मिल कर मुखिया ने युवकों को गिरफ्तार करा दिया।खूंटी थाने में पत्रकारों से बातचीत करते हुए परिजनों ने कहा लड़की के परिजनों ने बुधवार को रात 11 बजे फोन कर लड़कियों के बारे में जानकारी मांगी। हातुदामी गांव के लोगों ने खुद बच्चियों को उनके परिजनों कों सौंपा था।बाद में परिजनों ने मुखिया को इसकी जानकारी दी।परिजनों ने आरोप लगाया कि मुखिया ने बिना मामले की जांच किये ही युवकों को गिरफ्तार करा दिया।

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