फ्रांस से राफेल लेकर आया सैनिक स्कूल का पूर्व छात्र रोहित

कोडरमा : कोडरमा स्थित सैनिक स्कूल तिलैया के प्रशासी अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों और पूर्व छात्रों में हर्ष है। यहां के पूर्व छात्र रोहित कटारिया देश के उन चुनिंदा पायलटों में एक हैं, जो फ्रांस से अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल लेकर भारत पहुंचे हैं। सैनिक स्कूल के कैडेटों का सपना भारतीय सेना का अधिकारी बनने का होता है। रोहित की इस उपलब्धि ने स्कूल के कैडेटों को रोमांचित कर दिया है। सोशल मीडिया पर यहां के छात्र खुशी जाहिर कर रहे हैं और इसे गौरव का पल बताया है। स्कूल के रजिस्ट्रार ले. कमांडर हिमांशु शेखर ने बताया कि स्कूल के लोगों को यह सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। यह स्कूल के लिए बड़े गौरव की बात है कि यहां का छात्र उस पहले दस्ते में शामिल है, जिसे सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान को उड़ाने का जिम्मा सौंपा गया। रोहित सैनिक स्कूल तिलैया से सन 1992 में पास आउट हुए थे। इनके पिता कर्नल सतबीर कटारिया तब सैनिक स्कूल तिलैया में ही प्राचार्य थे। रोहित का परिवार मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। सैनिक स्कूल तिलैया के शिक्षक धनंजय कुमार ने बताया कि रोहित शुरू से ही मेधावी था। उसने अपने स्कूल का नाम रोशन किया है। देश के विभिन्न ऑपरेशनों में यहां के दर्जनों पूर्व छात्रों ने अपने प्राणों की आहूति दी है, जिनके नाम स्कूल के शहीद स्मारक में अंकित हैं। स्कूल के सैकड़ों पूर्व छात्र भारतीय सेना के उच्च पदों पर उत्कृष्ट सेवा दे रहे हैं और कई सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। अब भारतीय सेना में राफेल के इतिहास से भी सैनिक स्कूल तिलैया का नाम जुड़ गया है। राफेल को लाने वाली टीम में सैनिक स्कूल तिलैया के रोहित कटारिया तो शामिल है ही, सैनिक स्कूल नगरोटा के एयर कमांडर हिलाल अहमद, सैनिक स्कूल कुंजपुरा के मनीष कुमार सिंह और सैनिक स्कूल बीजापुर के अरुण कुमार भी शामिल हैं। 

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