राजद-कांग्रेस पारिवारिक पार्टी, दोनों दलों में लोकतंत्र नहीं : रघुवर दास

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने सीवान में भाजपा के जनसंवाद कार्यक्रम को किया संबोधित

पारिवारिक पार्टी के अहंकार में रघुवंश बाबू को अंतिम समय में इस्तीफा देना पड़ा

पटना : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि धरती पुत्र रघुवंश प्रसाद सिंह जैसे सच्चे समाजवादी नेता के साथ राजद ने कैसा व्यवहार किया गया, सब ने देखा। नाराज हुए तो पारिवारिक पार्टी के नेता ने कहा कि समुद्र से अगर एक लोटा पानी निकल जाए, तो कुछ नहीं होता। यह उनका अहंकार दिखाता है। सालों तक ईमानदारी से राजनीति करने वाले रघुवंश बाबू को अंतिम समय में राजद से त्याग पत्र देना पड़ा। यह इस परिवार की पार्टी की सच्चाई को दिखाता है जिसमें कर्मठ और ईमानदार लोगों की कोई कद्र नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री दास शनिवार को सीवान जिले में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस-राजद परिवार की पार्टी है। इन दिनों में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। जो भी इनके परिवार के खिलाफ आवाज उठाएगा या कुछ सुझाव देगा, उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। इसका सबसे बड़ा उदाहरण राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद हैं। उनके एक सुझाव पर ही उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया सबने देखा। यही हाल राजद का भी है। परिवार की खिलाफ एक शब्द भी कहा तो लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। ऐसे दलों को नकारने की जरूरत है। रघुवर दास ने कहा कि बिहार में एनडीए के शासनकाल में काफी विकास कार्य हुए हैं। यदि सरकार बदली तो पहले से चली आ रही सारी विकास योजनाएं बंद हो जाएंगी। झारखंड में भी पिछले 5 सालों में हमने कई विकास योजनाएं शुरू की थी, लेकिन सरकार बदलते ही उन योजनाओं को बंद कर दिया गया। इसका सीधा खामियाजा गरीबों को भुगतना पड़ रहा है। बिहार के लोग यह गलती ना करें और एनडीए को मजबूत बनाएं। आज के कार्यक्रम में विधायक सुभाष सिंह, विधायक व्यास देव प्रसाद समेत अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री दास ने प्रसिद्ध मां थावेवाली मंदिर में जाकर मां का आशीर्वाद लिया और बिहार-झारखंड के लोगों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

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