मातृभाषा संवर्धन का दायित्व समाज के लोगों पर : राज्यपाल

मचान मिथिला पंचांग का लोकार्पण
रांची : भाषा है तो संस्कृति है और संस्कृति है तो समाज है । सामाजिक आयोजनों एवं समारोहों मे, अभिभावकों को बच्चों को ले कर अवश्य जाना चाहिए । तभी भाषा एवं संस्कृति की रक्षा की जा सकती है । उक्त विचार माननीया राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ‘मचान’ द्वारा प्रकाशित, मिथिला पंचांग के लोकार्पण के अवसर पर कही । उन्होने यह भी कहा कि सरकार ने मैथिली भाषा को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर उचित सम्मान तो दे दिया लेकिन इसके संवर्धन का दायित्व समाज के लोगों पर है । उन्होने राज्य मे प्रवास कर रहे मैथिलीभाषियों को नव वर्ष की मंगलकामनाएं दीं ।
लोकार्पण के अवसर पर निगम पार्षद श्री अरुण झा, समाजसेवी सुमन ठाकुर , दयानन्द कुमर एवं भारतेन्दु झा उपस्थित थे । माननीया राज्यपाल को जमशेदपुर निवासी श्री अरुण कुमार झा द्वारा बनाई गयी महाकवि विद्यापति की तस्वीर प्रदान की गयी ।
पंचांग की विशिष्टता : इस वर्ष पंचांग को आकर्षक एवं अधिक उपयोगी रूप से बनाया गया है । मुख्य पृष्ठ पर बाबा विद्यापति सहित अन्य पृष्ठों पर मिथिला, मैथिली एवं मैथिल लोगों को समृद्ध बनाने वाले लोगों को स्थान एवं सम्मान दिया है । अन्य पृष्ठों पर साहित्यकार एवं समाजसेविका मृदुला सिन्हा, मैथिली पुत्र “प्रदीप”, वीरभद्र चौधरी , तारकान्त ठाकुर सहित देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के सहयोगी एवं समाज सेवी पं सुवंश झा की तस्वीर दी गयी है ।
पंचांग में खास : वर्ष भर के व्रत, त्योहार एवं महापुरुषों की जयंती की जानकारी के साथ साथ विवाह, द्विरागमन , मुंडन, उपनयन , गृहारम्भ, गृहप्रवेश , एकादशी व्रतोद्यापन, भदवा आदि की जांकारियाँ दी गयी हैं ।
पंचांग की निःशुल्क प्राप्ति के लिए मोबाइल 9334706120, 8873002101 पर संपर्क कर सकते हैं ।

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