रिलायंस ने की बड़ी सोलर एनर्जी डील…

5792 करोड़ रुपये में नॉर्वे की REC ग्रुप का अधिग्रहण किया

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोलर एनर्जी के क्षेत्र में एक बड़ी डील की है. रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर (Reliance New Energy Solar) ने रविवार 10 अक्टूबर को कहा कि उसने 5792 करोड़ रुपए (771 मिलियन डॉलर)  में आरईसी सोलर होल्डिंग्स (REC Solar Holdings ) का अधिग्रहण किया है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (आरएनईएसएल) ने चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) कंपनी लिमिटेड से आरईसी सोलर होल्डिंग्स एएस (आरईसी ग्रुप) की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण की घोषणा की है. रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर ने बीएसई फाइलिंग में यह जानकारी दी है.

Reliance Soler

रिलायंस के लिए अहम डील वैश्विक स्तर पर फोटोवोल्टिक (पीवी) मैन्युफैक्चरिंग प्लेयर बनने के लिए रिलायंस के न्यू एनर्जी विजन के लिए यह अधिग्रहण काफी महत्वपूर्ण है. यह अधिग्रहण रिलायंस ग्रुप को साल 2030 तक सोलर एनर्जी के 100 गीगावाट उत्पादन के लक्ष्य को पाने में काफी मददगार साबित होगा. इसी साल तक भारत का भी लक्ष्य renewable energy के 450 गीगावाट उत्पादन का है.

1996 में स्थापित हुई थी REC नार्वे मुख्यालय स्थित REC 1996 में स्थापित हुई थी. इसका Operational Headquarters सिंगापुर में है. साथ ही उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया प्रशांत में इसके रिजनल केंद्र हैं. इस कंपनी के पास 600 से अधिक उपयोगिता और डिजाइन पेटेंट हैं, जिनमें से 446 को मंजूरी मिल गई है. REC विशेष रूप से Research और Development फोकस कंपनी है.

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रिलायंस ने जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में अपने सिलिकॉन-टू-पीवी-पैनल गीगाफैक्ट्री में आरईसी सोलर की तकनीक का उपयोग करने की योजना बनाई है. इसकी शुरुआत 4GW प्रति वर्ष की क्षमता के साथ होगी. इसे समय के साथ 10GW प्रति वर्ष क्षमता तक बढ़ाया जाएगा.

आरईसी सोलर की भारतीय उपमहाद्वीप में 5,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता है. आरईसी की वेबसाइट का दावा है कि इसके रूफ माउंटेड पैनल कम से कम 25 साल तक चल सकते हैं.

क्लीन और ग्रीन एनर्जी लक्ष्य पाने में मिलेगी मदद

इस अधिग्रहण पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा: “मैं आरईसी के अधिग्रहण से बेहद खुश हूं क्योंकि यह सूर्य देव की असीमित और साल भर मिलने वाली सौर शक्ति का दोहन करने में मदद करेगा. यह अधिग्रहण दशक के अंत से पहले 100 गीगावाट क्लीन और ग्रीन एनर्जी बनाने के रिलायंस के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, नई व एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज और परिचालन क्षमताओं में निवेश करने की हमारी रणनीति के अनुरूप है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 450 गीगावाट रिन्युएबल ऊर्जा का उत्पादन है और इसे प्राप्त करने में किसी एकल कंपनी का यह सबसे बड़ा योगदान होगा. यह भारत को जलवायु संकट से उबारने और ग्रीन एनर्जी में वर्ल्ड लीडर बनने में मदद करेगा.“

44वीं एजीएम में  NEW ENERGY पर चर्चा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरपर्सन मुकेश अंबानी ने 44वीं एजीएम में NEW ENERGY को लेकर कई महत्वपूर्ण बात कही थी. उन्होंने कहा था कि कंपनी अपने environment-friendly initiatives के तहत 4 गीगा फैक्ट्ररी लगाएगी. इसके अलावा 2021 में कंपनी की NEW ENERGY BIZ लॉन्च करने की योजना है, जिसमें RIL की लीडरशिप होगी. इस योजना के तहत कंपनी धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स की भी स्थापना करेगी, जिसके तहत 4 फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी.

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ये गीगा फैक्ट्ररियां न्यू एनर्जी इको सिस्टम से संबंधित सभी तरीके के अहम कलपुर्जों का उत्पादन और उनका इंटिग्रेशन करेंगी. इस वर्चुअल एजीएम में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा था कि कंपनी अपने ग्रीन इनिशिएटिव के तहत 60,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इसके अलावा कंपनी ग्रीन इनिशिएटिव के वैल्यू चैन के विकास से संबंधित पार्टनरशिप और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर 15000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी.

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