भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति क्षतिग्रस्त मामले में 15 जून को रांची बंद

  • आंधी-तूफान की वजह से मूर्ति को क्षति पहुंची: पुलिस

रांची। राजधानी रांची के कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले में आदिवासी और सामाजिक संगठनों ने शनिवार को रांची बंद बुलाया है। भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति के एक हाथ में मशाल और दूसरे में धनुष था। जिसमें धनुष था वह हाथ क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया था। घटना से आक्रोशित लोगों ने घटना में इसमें शामिल असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार करने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। हालांकि भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। समाधि स्थल की देखरेख करने वाले को भी प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की वजह की जानकारी नहीं है। सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और निगम के अधिकारी समाधि स्थल पर पहुंचे और समाधि स्थल की देखरेख करने वालों से पूछताछ की। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता अंतू तिर्की सहित कई आदिवासी संगठनों और राजनीतिक पार्टी के नेता मौके पर पहुंचे। सभी ने समाधि स्थल की देखरेख करने वाले गार्डो को हटाने की मांग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मूर्ति काफी पुरानी होने के कारण कमजोर हो गई है और आंधी-तूफान की वजह से मूर्ति को क्षति पहुंची है। मौके पर सिटी एसपी सुजाता वीणापाणी भी पहुँची और लोगों को समझाया लेकिन लोगों का हंगामा जारी रहा। मौके पर अंतू तिर्की ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति तोड़ने के विरोध में शनिवार को रांची बंद बुलाया गया है। इसमें सभी सामाजिक संगठन, आदिवासी संगठन और राजनीतिक दल के नेता शामिल होंगे। बंद के समर्थन में वामदल, झामुमो और कांग्रेस सहित अन्य आदिवासी संगठन के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि पटेल की मूर्ति का निर्माण तीन हजार करोड़ रुपए से हुआ है। जबकि भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति बांस से बनाई गई है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पटेल से बड़ी मूर्ति भगवान बिरसा कि यहां बननी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो शहीदों को लेकर एकबार फिर उलगुलान होगा।

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