रेलवे ने 58 इकाईयों में कागज का इस्तेमाल किया बंद

नई दिल्ली। भारतीय रेल ने डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए पांच हजार से ज्‍यादा उपयोगकर्ताओं के लिए अपनी 58 इकाईयों में कार्यालयीय कामकाज में कागज का इस्तेमाल बंद कर दिया है। 30 जून ई-ऑफिस प्‍लेटफार्म पर 39 हजार से अधिक उपयोगकर्ता जुड़ जाएंगे।

रेल मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि ई-ऑफिस न केवल कार्यालयों में कागज के बगैर काम करने की संस्‍कृति को बढ़ावा देगा बल्कि परिचालन खर्चे भी घटाएगा और साथ ही कार्बन उत्‍सर्जन में भी कमी लाएग जो आज के समय दुनिया की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है और सीधे तौर देश के प्रत्‍येक नागरिक को प्रभावित कर रही है।

रेलवे ने पांच हजार से ज्‍यादा उपयोगकर्ताओं के लिए अपनी 58 यूनिटों में राष्‍ट्रीय सूचना केन्‍द्र (एनआईसी) के ई-ऑफिस का पहला चरण सफलतापूर्वक लागू करने के बाद दूसरे चरण के क्रियान्‍वयन के लिए रेलटेल के साथ एक सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किए हैं। रेलटेल रेल मंत्रालय का मिनिरत्‍न उपक्रम है। दूसरे चरण में रेलटेल 30 जून तक एनआईसी के ई-ऑफिस प्‍लेटफार्म पर 39 हजार से ज्‍यादा उपयोगकर्ताओं का पंजीकरण करेगा।

रेल भवन में सोमवार को सहमति पत्र पर रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक उमेश कुमार बलोंडा और रेलटेल की आईटी विभाग की महाप्रबंधक हरितिमा जयपुरिया की ओर से हस्‍ताक्षर किये गए। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष विनोद कुमार यादव, रेलवे बोर्ड के एसएंडटी के सदस्‍य प्रदीप कुमार और रेलटेल के अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक पुनीत चावला के अलावा रेलवे और रेलटेल के कई वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

एनआईसी के ई-ऑफिस का पहला चरण मार्च 2020 तक पूरा किए जाने के लक्ष्‍य के साथ शुरु किया गया था लेकिन इसे समय से पहले ही पूरा कर लिया गया।

उल्लेखनीय है कि एनआईसी का ई-ऑफिस राष्‍ट्रीय सूचना केन्‍द्र (एनआईसी) की ओर से विकसित किया गया क्‍लाउड आधारित साफ्टवेयर है जिसे रेलटेल के गुरुग्राम और सिंकदराबाद स्थित टीयर तीन अधिकृत केन्‍द्र की ओर से अपलोड किया गया है। यह केन्‍द्रीय सचिवालय की ई-आफिस प्रक्रिया नियमावली पर आधारित है। मौजूदा समय ई ऑफिस के जिन चार माड्यूलों को लागू किया गया है उनमें फाइल मैनेजमेंट सिस्‍टम (ई फाइल) नॉलेज मैनेजमेंट सिस्‍टम (केएमएस) कोलैबोरेशन एंड मेसेजिंग सर्विस(सीएएमएस) और पर्सनल इनफारमेशन मैनेजमेंट सिस्‍टम (पीआईएमएस) शामिल है।

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