राहुल गांधी ने की जम्मू-कश्मीर में नजरबंद नेताओं काे रिहा करने की मांग

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने  जम्मू-कश्मीर में प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं की नजरबंदी के केंद्र सरकार के फैसले को अदूरदर्शी और मूर्खतापूर्ण बताते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की है।

राहुल गांधी ने मंगलवार को एक ट्वीट संदेश में कहा है, कश्मीर की मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं को गुप्त स्थानों पर जेल में डाल दिया गया है। यह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। यह अदूरदर्शी और मूर्खतापूर्ण भी है, क्योंकि यह आतंकियों को भारत सरकार द्वारा बनाए गए नेतृत्व के रिक्त स्थान को भरने का मौका देगा। उन्होंने कहा कि कैद किए गए नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में सोमवार सुबह से ही धारा 144 लागू है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला दोनों ही जेलों में बंद हैं। हालांकि घाटी से अभी तक हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई है। इससे पूर्व राहुल गांधी ने मंगलवार की सुबह एक ट्वीट संदेश में कहा था, जम्मू-कश्मीर को दो भागों में विभाजित करके, एक तरफा निर्णय लेकर, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जेल में डालकर और संविधान का उल्लंघन करके राष्ट्रीय अखंडता सुनिश्चित नहीं की जा सकती। यह राष्ट्र लोगों से निर्मित हुआ है न कि जमीन के टुकड़े से। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका की शक्ति के दुरुपयोग से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

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