दिशा हत्याकांड के आरोपितों के एनकाउंटर पर उठने लगे सवाल

  • कांग्रेस विधायक जग्गा रेड्डी ने की एनकाउंटर की जांच कराने की मांग

हैदराबाद (तेलंगाना)। दिशा हत्याकांड केस के आरोपितों के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। वहीं कुछ नेता एनकाउंटर के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी क बाद अब संगरेड्डी के कांग्रेस के विधायक और नेता जग्गा रेड्डी ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाये हैं। दोनों नेताओं ने एनकाउंटर की जांच की मांग की है। शनिवार को कांग्रेस नेता जग्गा रेड्डी ने कहा कि कोर्ट का काम कोर्ट को ही करना चाहिए और इसमें पुलिस दखल देना उचित नहीं है। जानी मानीं अधिवक्ता और महिला संगठन की नेता कल्पना कण्णाभिराम ने भी पुलिस एनकाउंटर की निंदा करते हुए कहा कि जो भी हुआ है बहुत भयानक हुआ है, क्या भविष्य में सारी कोर्ट को ताला डाल देना चाहिए ताकि पुलिस अपने तरीके से न्याय प्रदान करे। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर से किसी को न्याय नहीं मिलता, यह सिर्फ अपनी मर्दानगी दिखाने का शासन का प्रयास है और वह भी बिना कोई जवाबदेही के। उन्होंने सवाल किया कि क्या भविष्य में  न्याय बंदूक के जरिया दिलवाया जायेगा। हैदराबाद के मानव अधिकार का फोरम ने मांग की है कि इस एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को तुरंत अरेस्ट किया जाये और सभी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। फोरम ने राज्य सरकार से एनकाउंटर की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने की मांग की है। फोरम ने वारंगल में वर्ष 2008 में एसिक अटैक के मामले में आरोपित दो युवकों का एनकाउंटर और 2007 में एकीकृत आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम में एक बैंक मैनेजर के हत्या के आरोपितोंं का एनकाउंटर और हैदराबाद की दिशा हत्याकांड के आरोपितों के एनकाउंटर को फ़र्ज़ी बताया। है। फोरम ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे एनकाउंटर से महिलाएं भविष्य में सुरक्षित होंंगी ! पुलिस को दंड देने का अधिकार देना समस्या का समाधान नहीं है। उल्लेखनीय है कि दिशा हत्याकांड के हत्यारोपितों के एनकाउंटर पर सवाल उठने के बीच तेलंगाना हाईकोर्ट ने भी एनकाउंटर में मारे गए आरोपितों के शवों को 09 दिसम्बर की शाम 8 बजे तक संरक्षित रखने के आदेश सरकार को दिए हैं।

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