यूक्रेन विमान हादसे की जिम्मेदारी लेने के बाद खामनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, ट्रंप ने भी दी चेतावनी

तेहरान। यूक्रेन के विमान हादसे की जिम्मेदारी लेने के बाद खामनेई के खिलाफ ईरान की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामनेई के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी है कि वह स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और अब दूसरा ‘नरसंहार’ नहीं होना चाहिए। ईरान ने स्वीकार किया था कि उसने गलती से यूक्रेन के विमान को गिरा दिया जिसमें 176 लोगों की मौत हो गई।

ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिकी दूतावास के बाहर हजारों लोग प्रदर्शन करने के लिए जुटे। वहीं अमीर काबिर यूनिवर्सिटी के बाहर भी ईरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। लोग हाथों में पोस्टर्स लेकर यहां इकट्ठा हुए थे और खामनेई से इस्तीफे की मांग कर रहे थे। शनिवार को ईरान में छात्रों ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया और मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि सुलेमानी की मौत के बाद लाखों लोग ईरान की सड़कों पर उतरे थे और अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। ईरान ने जिस विमान को गिराया उसमें सबसे ज्यादा ईरान के ही नागरिक मौजूद थे।

इस हादसे में ईरान के 82 और कनाडा के 63 नागरिक थे। 8 जनवरी को यह विमान यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहा था। इसमें ईरान और कनाडा के अलावा यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफगानिस्तान के चार जबकि जर्मनी और ब्रिटेन के तीन-तीन नागरिक सवार थे। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा था कि मानवीय भूल की वजह से गलत दिशा में मिसाइल चलाया गया और इस वजह से विमान हादसे का शिकार हो गया। उन्होंने इसे ‘अक्षम्य भूल भी बताया।’

ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ट्वीट किया, ‘दुखी करनेवाला दिन। आर्मी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमेरिका के हमले के वक्त मानवीय भूल की वजह से हादसा हुआ। इसपर हम पछतावा और खेद व्यक्त करते हुए पीड़ितों के परिवारों से माफी मांगते हैं।’ ईरान ने ब्रिटेन के राजदूत को भी हिरासत में ले लिया, हालांकि थोड़ी देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। ब्रिटेन और कनाडा ने सबसे पहले आशंका जताई थी कि ईरान ने ही विमान को गिराया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने हादसे के बाद बयान जारी कर कहा था कि खुफिया सूचनाएं बताती हैं कि यूक्रेन का विमान ईरान की मिसाइल से गिरा है।

दबाव बढ़ने के बाद ईरान ने बोइंग और विमान में सवार देशों के नागरिकों की सरकारों को जांच के लिए आमंत्रित भी किया था। ईरान कुछ समय तक इनकार करता रहा कि उसी की गलती से विमान गिरा है। हालांकि बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव में उसे यह स्वीकार करना पड़ा। ईरान ने ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के दावे के बीच शुक्रवार को कहा था कि यूक्रेन का विमान उसकी मिसाइल का शिकार नहीं हुआ है। बता दें कि कमांडर कासिम सुलेमानी के एयर स्ट्राइक में मारे जाने के बाद बदले की कार्रवाई करते हुए ईरान ने इराक में मौजूद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने के लिए मिसाइलें दागी थीं। उसी दौरान यूक्रेन का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

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