(कविता) मेरे नंदलाल आपको आना ही पड़ेगा

लेखक : शक्ति सिंह

आपके भक्तो की चीख पुकार आपके कानों तक तो जा ही रही होगी
हमलोगो से गलती क्या हुई ये बताने आपको आना ही पड़ेगा।

जब जब आपके भक्तो पे विपत्ति आई वो रोते हुए भूखे पेट सो गया
उन भक्तों को भी जगाने मेरे नंदलाल आपको आना ही पड़ेगा।।

ये दुनिया आपके द्वारा निर्मित और हम भी आपके द्वारा निर्मित है
तो हमसे ये भेद भाव क्यों मेरे प्रभु ये बात आपको बताना ही पड़ेगी।

बिन मा बाप के छोटे बच्चे भूखे प्यासे बिलख बिलख के रो रहे
मत रो बच्चे मै हूं ये बताने मेरे नंदलाल आपको आना ही पड़ेगा।।

अगर कोई गलती ही हो गई हम इंसानों से तो मेरे प्रभु परमेश्वर
हमे माफ कर दीजिए हम नादान है ये बताने आपको आना ही पड़ेगा।

प्रांत के मुखिया ने हमे घरों में बंद कर दिया है मेरे नंदलाल
आप तो सृष्टि के मुखिया हो हमे निकालने आपको आना ही पड़ेगा।।

हे मुरली मनोहर, नंदलाल कोई गलती हुवी हो मुझसे तो माफ कर दीजियेगा आज पहला दिन है आपसे कुछ मांगने का भी और इस कविता का भी। आपकी कृपा बनी रहे हम सबपर यही बिनती करता हूं और अपनी कविता को समाप्त करता हूं।

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