पाकिस्तान ने संरा मानवाधिकार परिषद में उठाया कश्मीर का मुद्दा

जिनेवा। पाकिस्तान ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाया और दुष्प्रचार के क्रम में जम्मू एवं कश्मीर को भारत का हिस्सा मान लिया। वैसे तो आजकल  पाकिस्तान दुनिया के हर मंच का इस्तेमाल भारत के खिलाफ विष वमन  के लिए करता है और कश्मीर को लेकर घड़ियाली आंसू बहाता रहता है, लेकिन  पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि जम्मू कश्मीर भारत का राज्य है। दरअसल, संविधान के अनुच्देद 370 हटाए जाने के बाद से वह बेचैन हो गया है, क्योंकि पड़ोसी को लग रहा है कि कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने से आतंकवाद को सही ठहराने के लिए अब उसके पास कोई मुद्दा ही नहीं रहा। हालांकि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में वह क्या कर रहा है और वह पूरे कश्मीर में क्या चाहता है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी ) में कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में भारतीय सेना की बड़ी संख्या में तैनाती से वहां नरसंहार की काली छाया मंडरा रही है। उन्होंने कहा कि वह कश्मीर के मुद्दे पर चुप न बैठे।  भारत ने कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर इस राज्य को दुनिया की सबसे बड़ी जेल बना दिया है और  मानवाधिकारों दफना दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि कश्मीर की स्वायत्तता खत्म करना ही परमाणु शक्ति से लैस दोनों पड़ोसी के बीच तनाव का कारण है। मानाविधिकार परिषद को संबोधित करने के बाद कुरैशी ने संवाददाताओं से कहा कि भारत के साथ क्ष्पक्षीय वार्ता की कोई संभावना नहीं है। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया। कुरैशी ने कहा कि न्याय पाने और जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के सम्मान में उन्होंने संयुक्त राष्अर मानवाधिकार परिषद का दरवाजा खटखटाया है। इस संस्था के संस्थापक सदस्य होने के नाते वह कश्मीर में मानवाधिकार का उल्लंषन होते नहीं देख सकते हैं। पाकिस्तानी मंत्री ने कश्मीरियों की दुर्दशा पर यूएनएचआरसी को ध्यान देने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह संस्था इस मामले में उदासीन नहीं रह सकती है। कुरैशी ने मानवधिकार परिषद को कुछ कदम उठाने की सलाह भी दी। इसके अलावा उन्होंने एक 115 पृष्ठ के डोजियर भी सौंपे हैं।

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