करंट जैसा दर्द , उंगलियों का सुन्न पड़ना और झुनझुनी

डा एस एन यादव
हड्डी और स्पाइन विशेषज्ञ
मां रामप्यारी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
बरियातु

रोड दुर्घटना, पेड़ या छत से गिरने के बाद आमतौर पर फ्रैक्चर से युक्त एक विशेष लक्षण वाले मरीज मेरे पास अक्सर आते हैं। जिसमे मरीज को चीख निकलने वाली बिजली के करंट जैसा दर्द और झुनझुनी होता है।हाथ या पैर लकवाग्रस्त हो जाता है।इसे स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन बिमारी कहते हैं। दुर्घटना के अलावा यह अधिक उम्र के बूढ़े लोगों,स्पोंडिलोलिस और स्पाइन एलाइनमेंट के बिगड़ने कारण भी होता है।

इसमें पारम्परिक इलाज बिल्कुल काम नहीं करता यदि स्पाइनल कार्ड क्षतिग्रस्त हो गया हो।पारम्परिक इलाज में मरीज को मोटे कपड़े से बना ब्रेसिज़ और कॉलर सपोर्ट और अधिक पावर के स्टेरॉयड के इंजेक्शन लगाए जाते हैं।

माइक्रोसर्जरी सबसे सफल और सुरक्षित आपरेशन है जिसमें वेर्टेब्रा, लिगामेंट या डिस्क के ख़राब अंश को निकाल कर मरीजको कंप्रेशन से राहत दिया जाता है।दबाव हटते हीं मरीज आराम से मूवमेंट करने लगता है। इस सर्जरी में एक इंच का चीरा लगाया जाता है।

लंबर स्टेबिलाइजेशन एक दूसरे तरह की सर्जरी है जिसमें वेर्टेब्रा के बीच एक लचीला और मजबूत टाइटेनियम उपकरण डाला जाता है।इस सपोर्ट को मिलते ही दर्द से राहत और समान्य मूवमेंट बहाल हो जाता है।

डिस्क रिप्लेसमेंट तीसरे तरह की सर्जरी है जो आउटडेटेड और पुरानी विधि समझी जाती है। इसमें खराब(डीजनरेटेड) डिस्क को हटा कर कृत्रिम डिस्क लगा दिया जाता है जो नेचुरल डिस्क के समान काम करता है। लगभग एक माह बाद दैनिक काम करने लगता है।आपरेशन के बाद हल्के फुल्के दर्द की समस्या बनी रहती है। मूवमेंट पहले की तरह नहीं आता है।

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