स्वदेशी 118 अर्जुन मार्क-1ए टैंक के ऑर्डर का रास्ता साफ

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी 
– प्रधानमंत्री मोदी ने 14 फरवरी को तमिलनाडु में सेना प्रमुख नरवणे को सौंपा था पहला टैंक
नई दिल्ली :  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मंगलवार को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी, जिसमें 118 `स्वदेशी अर्जुन मार्क-1ए टैंक शामिल हैं। अर्जुन मार्क-1 ए टैंक के लिए 8379 करोड़ रुपये का ऑर्डर ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) के हैवी व्हीकल फैक्टरी, अवाडी (तमिलनाडु) को दिया जाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 फरवरी को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को पहला टैंक सौंपा था। इसके अलावा 5300 करोड़ से भारतीय सेना के लिए 820 बख्तरबंद वाहन खरीदे जाने हैं।

अर्जुन टैंक को डीआरडीओ के कॉम्बैट व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (सीवीआरडीई) ने डिजाइन किया है। टैंक का निर्माण अवाडी (तमिलनाडु) स्थित ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) के हैवी व्हीकल फैक्टरी में किया जाएगा। सरकार से अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के 30 महीनों के भीतर पांच एमबीटी का पहला बैच सेना को सौंप दिया जाएगा। अर्जुन युद्धक टैंक पूरी तरह से स्वदेश निर्मित है, जिसे पहली बार 2004 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। मौजूदा समय में सेना के पास अर्जुन टैंक की दो रेजिमेंट हैं, जिन्हें जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान की सीमा पर तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी जब नवम्बर में सैनिकों के साथ दिवाली मनाने पाकिस्तान से लगी जैसलमेर (राजस्थान) के लोंगेवाला सीमा पर गए थे तो उन्होंने जिस अर्जुन टैंक की सवारी की थी, उसी का यह उन्नत संस्करण एमके-1ए है। 

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