बापू की प्रतिमा तोड़े जाने के खिलाफ एक दिवसीय उपवास

हजारीबाग । गांधी स्मारक ट्रस्ट परिसर मेंं महात्मा गांधी की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में हजारीबाग जिला लोक समिति ने एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम किया। इसके माध्यम से प्रतिमा तोड़ने वाले को सद्बुद्धि और सद्विचवार प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई। सामूहिक उपवास का नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरिजा सतीश ने की। उन्होंने कहा कि गांधीजी का योगदान सिर्फ देश की आजादी दिलाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विश्व को शांति, सत्य, अहिंसा, सभी जीवों के प्रति करुणा और परानुभूति का मार्ग दिखाने में भी है। 

प्रतिमा तोड़े जाने की घटना बेहद दुखद है। वरिष्ठ अधिवक्ता स्वरुपचंद जैन ने कहा कि अहिंसा में उनका दृढ़ विश्वास जैन धर्म का भी मूल आधार है। प्रो. राधेश्याम अम्बष्ठ ने सकल विश्व के प्रति गांधीजी के प्रेम को उनके अहिंसक दर्शन का आधार माना। अर्जुन यादव ने गांधी स्मारक स्थल के चारों ओर चहारदीवारी बनाने की मांग की। ट्रस्ट बनाते हुए डीसी या एसडीओ को इसका पदेन संरक्षक बनाए जाने की भी बात कही। मुर्दा कल्याण समिति के मो. खालिद ने कहा कि यदि हम गांधी जी के विचार के कुछ अंश को भी अपना लें तो बुरी सोच और उससे पैदा होने वाली हिंसा को रोका जा सकता है। 

कार्यक्रम में शमशेर आलम, कृष्णा राम, सुश्री सोनाली प्रभा, होलीक्रॉस की सिस्टर रोसिली, मीरा गुप्ता, सुश्री निक्की सोरेन, रीता कुमारी, सुश्री श्यामली सुमन, सतीश गिरिजा, प्रभुनाथ शर्मा, डॉ. विश्वनाथ आजाद, फिल्मन बाखला, बटेश्वर मेहता, आनंद अभिनव, राजीव सिंह, शंकर राणा, दिलेंदर सोनी समेत लगभग 50 लोगों की सहभागिता रही।

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