अफसर नहीं उठा रहे मजदूरों का फोन, स्थिति भयावह : डॉ. लंबोदर

रांची:आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव और विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने  संवैधानिक पद पर बैठे लोगों से नियमानुकूल और कानून सम्मत व्यवहार करने की अपेक्षा जताई है । उन्होंने बुधवार को कहा कि जिस प्रकार से कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉक डाउन में कानून का उल्लंघन किया गया वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। जिस प्रकार से  संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम द्वारा दबाव डालकर कई बसों में लोगों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया, वह पूरी तरह से गलत और निंदनीय है।

जब एक तरफ सरकार कह रही है कि जो जहां है वही रहे सभी उपाय किए गए हैं और किए जा रहे हैं, तो फिर सरकार के मंत्री द्वारा इस तरह के कृत्य किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार की कही गई बात में ही विरोधाभास है और कथनी व करनी में अंतर नजर आ रहा है। अब जब कोरोना संक्रमण की पुष्टि झारखंड में हो गई है तो उस परिप्रेक्ष्य में कानून का पालन कड़ाई से किया जाना चाहिए,  ताकि अन्य लोगों में करोना का संक्रमण नहीं फैल सके।

 लंबोदर महतो ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड के लोगों की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे लोग सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर  पर फोन कर रहे हैं तो वह व्यस्त- व्यस्त बताता है और फोन करने वाले का दिन इसी में गुजर जा रहा है। यही हाल  राज्यवार  बनाए गए  नोडल पदाधिकारियों का है।

एक दो पदाधिकारियों को छोड़कर कोई अन्य पदाधिकारी से फोन पर बात होना तो दूर किसी तरह की सुगबुगाहट भी नहीं होती है।कई पदाधिकारियों ने अपने फोन को डाइवर्ट करके रख दिया है। जनता परेशान और बेहाल है।ऐसा लग रहा है कि राज्य सरकार सिर्फ हेल्प नंबर जारी कर और नोडल पदाधिकारी की घोषणा कर  कर जनता को यह बता दी है कि हमने अपना काम कर लिया है।  

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