मंत्री ने की सहायक पुलिस कर्मियों से बातचीत, तीन तरह के रियायत देने का दिया आश्वासन

रांची :  स्थायीकरण की मांग को लेकर बीते आठ दिनों से मोरहाबादी मैदान में हड़ताल पर बैठे सहायक पुलिसकर्मियों से राज्य सरकार की तरफ से मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने शनिवार को वार्ता की। वार्ता के दौरान उन्होंने सहायक पुलिस कर्मियों की पूरी बात सुनी। उसके बाद उन्हें बताया कि सरकार की तरफ से फिलहाल उन्हें तीन तरह की रियायत दी जा रही है। यह रियायत इसलिए नहीं दी जा रही है कि वो हड़ताल पर हैं। बल्कि रियायत की वजह सहायक पुलिसकर्मियों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरफ से कहा गया है कि उनकी सेवा का विस्तार होगा। उन्हें जल्द ही बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा और जो प्वाइंट्स उन्हें सेवा काल में पुलिस भर्ती के लिए मिल रहे हैं, उन्हें भी बढ़ाये जायेंगे, ताकि पुलिस भर्ती में उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा हो। मंत्री मिथिलेश ठाकुर को सहायक पुलिसकर्मियों की तरफ से मांग पत्र भी सौंपा गया। मंत्री ने वहीं सभी के सामने मांग पत्र पढ़ा और कहा कि वो सहायक पुलिसकर्मियों की तरफ से सारी बात मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। 
सरकार के निर्णय के बाद लेंगे फैसलासहायक पुलिस कर्मियों ने बातचीत में बताया कि सरकार के निर्णय लेने के बाद आपस में विचार विमर्श करने के बाद निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सहायक पुलिस कर्मी मोरहाबादी मैदान में जमे हुए हैं। सहायक पुलिस कर्मी को एक कार ने मारी टक्कर, गंभीर
रांची के मोराबादी मैदान में सहायक पुलिस कर्मियों और मंत्री मिथिलेश ठाकुर से बातचीत हो रही थी। इसी दौरान एक अनियंत्रित कार ने एक सहायक पुलिसकर्मी को कुचल टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया । इसके बाद आक्रोशित लोगों और सहायक पुलिस कर्मियों ने जमकर बवाल काटा। टैगोर हिल जाने वाली सड़क पर कार को दौड़ कर पकड़ा और कार में जमकर तोड़फोड़ की। कार को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया और पलट दिया। हालांकि कार में सवार कुछ युवकों को पुलिस मौके पर जिप्सी में  बैठाकर ले गयी। कार पर बैठे और कार चला रहे युवकों का कहना था कि कार में ब्रेक नहीं लग रहा था। सहायक पुलिसकर्मी को आनन-फानन में एंबुलेंस से रिम्स ले जाया गया। घायल सहायक पुलिसकर्मी जमशेदपुर का बताया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत सहायक पुलिसकर्मी पर बीते शुक्रवार को पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज किया गया था। बताया जाता है कि आंदोलन कर रहे सहायक पुलिसकर्मी राजभवन और मुख्यमंत्री आवास घेराव करने जा रहे थे। इस दौरान सहायक पुलिसकर्मी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वह पुलिसकर्मियों से भीड़ गए थे। इसी क्रम में सहायक पुलिस कर्मियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति अनियंत्रित होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इसमें दोनों और से पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दोनों ओर से लगभग 24 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्थायीकरण की मांग को लेकर 7 सितंबर से सहायक पुलिस कर्मी हड़ताल पर चल रहे हैं। 2017 में राज्य के 12 नक्सल प्रभावित जिलों में 25 00 सहायक पुलिस कर्मियों की 10000 मानदेय पर नियुक्ति की गई थी। सहायक पुलिस कर्मियों का कहना है कि नियुक्ति के समय में बताया गया था कि 3 साल बाद उनकी सेवा स्थाई हो जाएगी। लेकिन 3 वर्ष पूरा होने के बाद भी किसी का स्थायीकरण नहीं हुआ है। 

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