माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ नडेला ने सीएए पर कहा, भारत में जो हो रहा है वह दुखद

न्यूयॉर्क। माइक्रोसॉफ्ट के भारतीय मूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत में जो कुछ हो रहा है वह काफी ‘दुखी’ करने वाला है। नडेला ने कहा कि वह चाहते हैं कि कोई बांग्लादेशी शरणार्थी भारत में किसी ऐसी बहुराष्ट्रीय कंपनी का नेतृत्व करे, जो देश की अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाए। हैदराबाद में जन्मे नडेला ने कहा कि प्रत्येक देश को राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए और उसी के अनुरूप अपनी आव्रजन नीति बनानी चाहिए।

नडेला (52) ने शनिवार को माइक्रोसॉफ्ट के एक कार्यक्रम में संपादकों से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘प्रत्येक देश अपनी सीमाओं को परिभाषित करे, राष्ट्रीय सुरक्षा का संरक्षण करे और उसी के अनुरूप आव्रजन नीति बनाए। लोकतंत्र में लोगों और सरकार के बीच इन्हीं दायरों में चर्चा होनी चाहिए।’’ नडेला से सीएए पर उनकी राय पूछी गई थी। साथ ही यह भी पूछा गया था कि भारत सरकार द्वारा आंकड़ों के इस्तेमाल के तरीके से क्या वह चिंतित हैं।

यह सवाल न्यूयॉर्क के न्यूज आउटलेट ‘बजफीड’ ने किया था। बजफीड ने नडेला के जवाब को ट्वीटर पर डाला है। नडेला ने कहा कि भारत में जो हो रहा है वह दुखद है। नडेला ने कहा, ‘‘मैं अपनी भारतीय विरासत के साथ आगे बढ़ा हूं। मैं बहु संस्कृति वाले भारत और अमेरिका में अपने आव्रजन अनुभव के साथ पला बढ़ा हूं।

मैं उम्मीद करता हूं कि भारत में कोई शरणार्थी किसी स्टार्टअप को आगे बढ़ाए या किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी को नेतृत्व प्रदान करे, जो भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाए।’’ नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बच कर 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी। केंद्र ने पिछले सप्ताह गजट अधिसूचना जारी कर कहा है कि सीएए 10 जनवरी, 2020 से लागू हो गया है।

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