झारखंड को सूखा घोषित करने को लेकर वामदलों ने किया राजभवन मार्च

रांची । वामदलों ने शनिवार को झारखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने सहित अन्य मुद्दों को लेकर राजभवन मार्च किया। भाकपा, माकपा, माले और मार्क्सवादी कॉर्डिनेशन कमिटी के बैनर तले शहीद चौक से मार्च निकाला गया, जो राजभवन के समक्ष सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता भाकपा राज्य के सहायक सचिव महेंद्र पाठक ने की।

मौके पर भाकपा के राज्य सचिव भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि राज्य में सुखाड़ की स्थिति है। कम बारिश होने के कारण 20 से 25 प्रतिशत भी धान की रोपनी नहीं हो सकी, लेकिन सरकार विकास के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रही है। नए मोटर कानून लाकर जनता को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के डर से  तीन महीनों के लिए कानून को स्थगित किया गया।  चुनाव के बाद फिर पुलिस का आतंक और सरकार की मनमानी चलेगी। मेहता ने अविलंब झारखंड को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करते हुए राहत कार्य चलाने, बंद पड़े गैर मजरुआ जमीन रसीद को अविलंब चालू करें और नया मोटर कानून को बंद करने की मांग की।

माले के राज्य  सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि झारखंड में गरीबी, भुखमरी और आर्थिक तंगी चरम पर है, लेकिन राज्य सरकार मोदी को झारखंड में लाकर चुनाव जीतना चाहती है। माकपा के राज्य सचिव मंडल के नेता प्रकाश विप्लव ने मोदी सरकार को मजदूर विरोधी ,किसान विरोधी, जन विरोधी बताया।

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