Ramgarh : वकील और व्यापारी ने किया जमीन का अतिक्रमण, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

रामगढ़। वकील, कामगार और व्यापारी, इन तीनों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। यह अतिक्रमण रामगढ़ कोर्ट के सामने हुआ है। मंगलवार को डीसी संदीप सिंह के निर्देश पर रामगढ़ अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुलडोजर चला दिया। हालांकि उनकी यह कार्रवाई तब विवादों में आ गई, जब उन्होंने बार एसोसिएशन के पूर्व निर्मित भवन पर बुलडोजर नहीं चलाया। बार एसोसिएशन के पीछे लगी गुमटीओ पर बुलडोजर चलाकर जिला प्रशासन ने अपना पीठ थपथपाया। लेकिन उसके पीछे की रैयती जमीन के मालिकों ने जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को गलत करार दिया। छतर मांडू निवासी दिनेश्वर सिंह, सिंघेश्वर सिंह, राम लखन सिंह के वंशजों ने बताया कि जिला प्रशासन को अगर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना था, तो सबसे पहले सड़क किनारे लगी गुमटीओ और बार एसोसिएशन के भवन को ही ध्वस्त करना चाहिए था। मुख्य सड़क पर अतिक्रमण यथावत रह गया और उसके पीछे गरीबों पर बुलडोजर चला दिया गया। जनवरी महीने में ही रामगढ़ अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो ने बार एसोसिएशन के आसपास लगे दर्जनों गुमटीओ के संचालकों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उस दौरान उन्होंने साफ कहा था कि वह जमीन सरकारी भूमि है जिस पर अतिक्रमण किया गया है। अगर 24 घंटे में अतिक्रमण नहीं हटता है, तो वहां बुलडोजर चला जाएगा। अंचल अधिकारी ने जब बार एसोसिएशन के आसपास नोटिस चिपकाया तब हड़कंप मच गया था। लेकिन पूरा मामला सिर्फ फाइल में ही दबा रह गया। वार्ता के नाम पर मामले को टाल मटोल कर दिया गया।प्रशासन की अचानक कार्रवाई से मचा हड़कंप अचानक रामगढ़ सीओ के साथ सैकड़ों पुलिसकर्मी बार एसोसिएशन के पास पहुंचे। वहां उन्होंने आनन-फानन में सरकारी जमीन की मापी की और बुलडोजर चला दिया। उनकी इस कार्यवाही से वहां मौजूद वकीलों व अन्य कामगारों के बीच हड़कंप मच गया। इसके अलावा रैयती जमीन पर काम कर रहे लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।
जिला प्रशासन द्वारा अधिग्रहित की गई थी जमीन : सीओइस पूरे मामले में  भोला शंकर महतो ने बताया कि छत्तर मांडू में जिला प्रशासन द्वारा सालों पहले भारी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उसी जमीन पर व्यवहार न्यायालय, सदर अस्पताल, जिला समाहरणालय का भवन बना। इस दौरान जिला प्रशासन ने कई एकड़ जमीन का इस्तेमाल नहीं किया था। लेकिन उस जमीन पर गुमटी और अस्थाई दुकान बनाकर लोगों ने कब्जा कर लिया। इसके बाद अधिग्रहित जमीन के पीछे रैयती जमीन वालों ने भी अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया। इसी विवाद को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन ने पहले भी नोटिस जारी की थी। यहां तक कि बार एसोसिएशन से भी बात की गई थी। बार एसोसिएशन ने भी बिना एनओसी के ही भवन निर्माण का कार्य शुरू किया था। जिसे रुकवा दिया गया था। पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है और उसका सीमांकन कर दिया जाएगा।

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