लद्दाख के सांसद नामग्याल लोकसभा में कश्मीर बहस में बने नए हीरो

नई दिल्ली। लद्दाख के युवा सांसद जम्यांग त्सेरिंग नामग्याल ने लोकसभा में जम्मू-कश्मीर बहस के दौरान अपने जोरदार भाषण से पूरे सदन का दिल जीत लिया। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और लद्दाख को केंद्र शासित क्षेत्र बनाने के कदम का पुरजोर समर्थन किया तथा केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करने वाले दलों विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने नामग्याल को उनके तार्किक और भावपूर्ण सम्बोधन के लिए बधाई दी। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने नामग्याल को लोकसभा का नया हीरो बताया। सोशल मीडिया पर नामग्याल ट्रेंड करने लगे और देश-विदेश से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। नामग्याल ने कहा कि लद्दाख की जनता इस इलाके को केंद्र शासित क्षेत्र बनाए जाने का जश्न मना रही है। यहां के लोगों की यह लम्बे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। लदाख की स्वायत्तशासी पर्वतीय विकास परिषद् में नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी सहित सभी दलों के सदस्यों ने लद्दाख को केंद्र शाषित क्षेत्र बनाने की मांग की थी। कश्मीर केंद्रित दलों ने बाद में इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सदस्यों को अपनी पार्टियों से निकाल दिया था। नामग्याल ने कहा कि कश्मीर में दो परिवारों ने पूरे जम्मू-कश्मीर राज्य को अपनी स्वार्थ सिद्धि का जरिया बना लिया था। अनुच्छेद 370 के हटाने से राज्य की जनता को कोई नुकसान नहीं होगा। केवल दो परिवार के लोगों की रोजी-रोटी ख़त्म हो जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर दो परिवारों की बपौती नहीं है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोगों ने हमेशा देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिया है और वे स्वयं को भारत माता की संतान मानते हैं। आरोप लगाया कि कश्मीर घाटी के नेताओं ने सत्ता में रहते हुए राज्य के जम्मू और लदाख क्षेत्र की पूरी तरह उपेक्षा की। जम्मू के लोगों ने लड़-झगड़कर कुछ हासिल कर लिया, लेकिन लद्दाख उपेक्षित ही रहा। राज्य में न तो कोई विश्वविद्यालय बना और न ही कोई उच्च शिक्षा संस्थान। लद्दाख की भोट भाषा को मान्यता नहीं दी गयी। लद्दाख के केंद्र शासित क्षेत्र बनने से यहां विकास के नए युग की शुरुआत होगी। नामग्याल ने लद्दाख  के बौद्ध स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि कारगिल केवल एक सड़क और मस्जिद तक सीमित नहीं है। इस क्षेत्र में धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अनेक स्थल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर के नेताओं ने लद्दाख की संस्कृति और भाषा को नजरदांज किया और लेह  कारगिल जिलों में मजहबी नजरिए से जनसंख्या का अनुपात बदलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह विडम्बना है कि जिन लोगों ने लोकतंत्र और धर्म निरपेक्षता की धज्जियां उड़ाईं, वे आज इन सिद्धांतों की दुहाई दे रहे हैं। नामग्याल ने लद्दाख को केंद्र शासित क्षेत्र बनाने के फैसले और वहां विकास कार्य शुरू लिए जाने के लिए प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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