नशीली दवाओं के लिए भारत की नीति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की : अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि नशीले पदार्थों को लेकर भारत ने ‘कत्तई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों पर नियंत्रण उपायों को चुस्त-दुरूस्त किए जाएंगे ताकि इनकी तस्करी और व्यापार पर पूरी तरह से रोक लग सके। ‘बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टरल टेक्निकल ऐंड इकोनॉमिक को-ऑपरेशन’ (बिम्स्टेक) के लिए ‘मादक पदार्थ तस्करी से निबटने’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर शाह ने कहा, ‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई नशीला पदार्थ देश से बाहर न जा पाए और न ही कोई मादक पदार्थ देश के भीतर आ सके।’’ उन्होंने यहां कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों को अंजाम देने के लिए होता है।

अब समय आ गया है कि सभी देश एकजुट होकर इस समस्या से निपटें। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं यह आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत मादक पदार्थों के धंधे को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और दुनिया में नशीले पदार्थों पर नजर रखने के लिए अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस समस्या से सख्ती से निपटने के लिए भारत कोई कसर नहीं छोड़ेगा।’’ एक आधिकारिक वक्तव्य के मुताबिक मादक पदार्थों की समस्या से एशियाई देश लगातार प्रभावित हो रहे हैं। इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के बीच महत्वपूर्ण सेतु बिम्स्टेक एक प्रभावी मंच है। बिम्स्टेक एक क्षेत्रीय संगठन हैं जिसके सात सदस्य राष्ट्र हैं: भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यामां, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड।

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