भारत को बनाया जायेगा रक्षा विनिर्माण का केंद्र और शुद्ध निर्यातक : रक्षा मंत्री

सूरत। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि रक्षा उपकरणों के विनिर्माण के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से भारत को शस्त्र विनिर्माण का केंद्र और इस मामले में शुद्ध निर्यातक यानी नेट एक्सपोर्टर बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार संकल्पबद्ध है। श्री सिंह ने गुजरात में सूरत के हजिरा स्थित लार्सन एंड टुब्रो के आयुध प्रणाली संकुल में बने 51वें के 9 वज्र टी टैंक को झंडा दिखा कर रवाना करने के मौके पर अपने संबोधन में यह बात कही।

लगभग 50 टन वजन वाला यह टैंक 47 किलो वजनी गोले को 43 किमी दूर तक फेंकने में सक्षम है। उन्होंने रक्षा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। श्री सिंह ने कहा कि हालांकि इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ रही है पर भारत को इस मामले में वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए अभी काफी कुछ किये जाने की जरूरत है। श्री सिंह ने कहा कि सरकार नये विचारों के लिए खुली है और निजी क्षेत्र की ऊर्जा, उद्यमिता का इस्तेमाल रक्षा क्षेत्र के लिए करने को संकल्पित भी है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस संबंध में सभी बाधायें दूर कर निजी सरकारी क्षेत्र के सहयोग से रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इस मौके पर उन्होंने सरकार की ओर से उठाये गये विभिन्न सुधारात्मक कदमों की भी चर्चा की और कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के तहत रक्षा उद्योग के आकार को 2025 तक 26 अरब डालर का करने और इसमें 20 से 30 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है।

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